प्रयागराज, जेएनएन। प्रयागराज जिले के पूर्व एसएसपी अभिषेक दीक्षित को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उनकी संपत्ति की जांच भी शुरू हो गई है। विजिलेंस की टीम उनकी चल और अचल संपत्ति से जुड़ी जानकारी अलग-अलग स्रोत से जुटाने में लगी है। साथ ही किस आरोप में कितनी सच्चाई है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। विजिलेंस के निशाने पर पूर्व एसएसपी के कई करीबी इंस्पेक्टर और दारोगा भी हैं, जिनके बारे में छानबीन की जा रही है। इससे महकमे में खलबली मच गई है।

विलिजेंस टीम गोपनीय तरीके से जांच कर रही है

अधिकारियों का कहना है कि विजिलेंस की टीम अभी प्रारंभिक जांच कर रही है। यह पूरी तरह से गोपनीय है। इसके तहत आइपीएस अभिषेक दीक्षित पर लगे आरोपों की वास्तविकता का पता लगाया जा रहा है। साथ ही इस बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है कि उनके पास वेतन के अलावा आय के और कौन स्रोत हैं। प्रयागराज में एसएसपी बनने से पहले उनके पास कितनी चल-अचल संपत्ति थी। प्रयागराज में तीन महीने के कार्यकाल के दौरान उनकी संपत्ति में कितना इजाफा हुआ है, इसकी भी जानकारी गोपनीय ढंग से जुटाई जा रही है।

आरोप से जुड़े साक्ष्य भी जुटाने की कोशिश

एसपी स्तर की एक महिला अधिकारी और उनके कुछ सहयोगी कर्मचारी हैं, जो अलग-अलग तरीके से पूरे मामले को देख रहे हैं। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप से जुड़े साक्ष्य भी जुटाने की कोशिश हो रही है। कहा जा रहा है कि यमुनापार, गंगापार और शहर में कुछ ऐसे थानेदार और चौकी प्रभारी हैं, जिनकी विभागीय स्तर पर छवि ठीक नहीं थी। ऐसे में अधीनस्थों की तैनाती में पैसे के लेनदेन के आरोपों की वास्तविकता के बारे में पता लगाया जा रहा है।

पुलिस कर्मियों में खलबली मची

कुछ अधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो फिर ओपेन जांच होगी, जिसमें भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, विजिलेंस टीम की जांच शुरू होने से जहां पुलिस कर्मियों में खलबली मच गई है वहीं, तमाम पुलिस वालों को कार्रवाई की जद में आने का डर सताने लगा है। 

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