प्रयागराज : किला स्थित मूल अक्षयवट का वर्ष के 11 माह तक दर्शन हो सकेगा। मार्गों समेत अन्य मरम्मत कार्य के लिए एक माह तक यह बंद रहेगा। किस माह में दर्शन बंद होगा, अभी यह तय नहीं हो सका है। पवित्र वट वृक्ष के दर्शन की व्यवस्था की अब जिम्मेदारी प्रयागराज जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। पहले प्रयागराज मेला प्राधिकरण पर इसकी जिम्मेदारी थी।

कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि 31 मार्च तक ही अक्षयवट दर्शन के लिए सेना की ओर से अनुमति मिली थी। 31 मार्च को ही किला में तैनात सेना के उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद इसे आगे भी खोले जाने पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। तय हुआ कि रोज सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक फिर अपरान्ह तीन बजे से शाम छह बजे तक अक्षयवट के दर्शन हो सकेंगे। दोपहर में तीन घंटे इसलिए दर्शन बंद रखा गया है कि गर्मी में श्रद्धालु तेज धूप से परेशान होंगे। अक्षयवट के दर्शन पहले वाले रास्ते से ही कराए जाएंगे जबकि सरस्वती कूप के दर्शन के लिए रास्ता बदल दिया गया है। सरस्वती कूप दर्शन-पूजन के लिए अब त्रिवेणी बांध से प्रवेश हो सकेगा। डीआइजी कुंभ केपी सिंह ने बताया कि अक्षयवट दर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है।

Posted By: Brijesh Srivastava