प्रयागराज, जेएनएन। पुलिस का दावा है कि कैश वैन में डेढ़ करोड़ चोरी की घटना को गिरोह ने बिना किसी तैयारी के अंजाम दिया था। गिरोह में हर सदस्य का काम बंटा था, इसलिए वे झटपट इशारे में घटना कर डालते थे। उस दिन ये सभी जंक्शन परिसर में टहल रहे थे तभी एटीएम कैश वैन आकर रुकी। दो कस्टोडियन के साथ गार्ड के एटीएम में जाने के बाद वैन से उतरकर ड्राइवर टहलने लगा तो इशारों में गिरोह के लोगों ने योजना बना डाली। यंगलेश और विनोद ने ड्राइवर को बातों में उलझा लिया। सरगना मुकेश वैन का गेट खोलकर हट गया, तभी प्रेम ने बॉक्स निकाला और किसी तरह उठाकर अस्पताल के गलियारे की तरफ गया जहां से गोकुल ने बॉक्स उठाने में मदद की।

पुलिस ने नौ आरोपितों को पकड़ा, भेजा जेल

सिविल लाइंस में रेलवे स्टेशन परिसर में तीन अक्‍टूबर को खड़ी एटीएम कैश वैन से 1.52 करोड़ चोरी के मामले में महिला समेत नौ लोगों को जेल भेज दिया गया। पुलिस का दावा है कि उनके कब्जे से 10 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। तमिलनाडु से हिरासत में लेने के बाद उनसे कई दिनों से पूछताछ की जा रही थी। तीनों का मेडिकल परीक्षण भी अस्पताल में कराया गया।

तेलियरगंज में फेंक दिया था बक्सा

स्टेशन से निकलकर गिरोह के बदमाश एक विक्रम से पुलिस लाइन स्टेनली रोड गेट के पास पहुंचे। वहां से दूसरे ऑटो में सवार होकर सभी तेलियरगंज तक गए। वहां ऑटो से उतरकर एक बैग और फूल खरीदा, रकम बैग में भरी और बक्सा तोड़कर फेंक दिया। वहां एक ऑटो वाले को परिवार में निधन की बात कहकर फाफामऊ तक गए। फिर एक मैजिक में बैठकर हाईवे पहुंचे। वहां से बस में बनारस और रात में ट्रेन से पश्चिम बंगाल में वर्धमान जिला चले गए। तारापुट जनपद में पूरी रकम तीन हिस्से में की। बंटवारा कर तमिलनाडु गए और रिश्तेदारों को पैसे देकर चेन्नई, बंगलुरू, नासिक में शिरडी समेत अन्य जगह घूमते रहे। इस दौरान छोटी-मोटी चोरी और जेबकतरी भी करते रहे।

देश भर में अपराध को अंजाम दे रहा गिरोह

तमिलनाडु के त्रिचिरापल्ली जनपद में थाना रामजी नगर के मल्ली पïट्टी का यह गैंग देश भर में घूमते हुए चोरी, टप्पेबाजी, जेबकतरी करता है। खासतौर पर गिरोह के बदमाश मंदिरों वाले धार्मिक स्थान पर जाते हैं ताकि खुद को तीर्थयात्री बता सकें। अबकी यह गिरोह 23 अक्तूबर को नए मोबाइल और सिम लेकर कोलकाता से निकला था। सिलीगुड़ी, पटना, मुगलसराय, बनारस, अयोध्या, फैजाबाद, उन्नाव होते हुए वे वापस बनारस गए। वहीं से घटना वाले दिन प्रयागराज आए थे। सरगना मुकेश एक बार दिल्ली में पकड़ा गया था, जबकि उसका भाई यंगलेश वाराणसी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। मुकेश को कई राज्यों की पुलिस खोज रही है। पुलिस बाकी 1.42 करोड़ बरामदगी के लिए आरोपितों को कस्टडी रिमांड पर लेकर तमिलनाडु लेकर जाएगी।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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