प्रयागराज, जेएनएन। कुंभ के अंतिम शाही स्नान पर्व वसंत पंचमी के लिए प्रयागराज की सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। वसंत पंचमी को प्रयागराज कुंभ के तीसरे शाही स्नान के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। कुंभ के तीसरे शाही स्नान के दिन आठ किमी क्षेत्र में फैले 40 घाटों पर श्रद्धालु सुबह से ही उमड़ते रहे। शाम तक करीब एक करोड़ सत्तर लाख लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं। इस बीच हर हर गंगे और हर हर महादेव के स्वर गूंजते रहे। अंतिम शाही स्नान पर्व पर तिथिकाल में यह आंकड़ा 2.30  करोड़ के करीब है।

विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक समागम प्रयागराज कुंभ में पंचमी पर संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। रात भर डुबकी लगती रही। सुबह पौ फटने के साथ ही घाटों पर स्नान के लिए लोगों का रेला शुरू हो गया था। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। अखाड़ों का शाही स्नान पूरी भव्यता के साथ हुआ। स्नान में विदेशी श्रद्धालु भी उत्साह के साथ भाग लिया। भीड़ के मद्देनजर एहतियाती तौर पर मेला प्रशासन की तैयारी चुस्त दुरुस्त दिखी। प्रशासन दस फरवरी को करोड़ों में भीड़ उमडऩे का अनुमान लगाकर तैयारी थी। हालांकि एक दिन पहले से ही श्रद्धालु डेरा जमा चुके हैं। सुरक्षा के प्रबंध भी सख्त है। हालांकि कल सुबह करीब नौ बजे से पंचमी तिथि लगने के बाद पर्व महात्म्य शुरू हो गया था लेकिन आज उदया तिथि के कारण भारी भीड़ उमड़ी है। 

अतिरिक्त फोर्स तैनात कर अलर्ट घोषित 

एक दिन पहले से ही मेले में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। सभी प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात कर अलर्ट घोषित कर दिया गया था। मंडलायुक्त आशीष कुमार गोयल, एडीजी एसएन साबत, डीएम प्रयागराज सुहास एलवाई, कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, डीआइजी कुंभ केपी सिंह आदि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों तथा विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर सारी तैयारी पहले से ही कर रखी है। अफसर मेले के प्रवेश मार्गों, पांटून पुलों, संगम तथा गंगा के अन्य स्नान घाटों की सतत निगरानी करते रहे। कुंभ मेला प्रशासन ने बताया कि रविवार तक 2,30 करोड़ श्रद्धालुओं संगम स्नान किया। 

सभी का ध्येय संगम स्नान 

वसंत पंचमी पर स्नानार्थियों के आने का सिलसिला जल, थल और नभ से आने वालों के लिए बने स्टेशनों पर जारी रहा। सभी का ध्येय संगम स्नान ही रहा। कुंभ मेला प्रशासन इस बाबत सभी तैयारियां कर कमर कसे तैयार रहे। स्नान के लिए तीन करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था। छह किलोमीटर की परिधि में 40 स्नान घाट है। चार लाख वाहनों के लिए 95 पार्किंग की व्यवस्था रही। नौ प्रवेश मार्गों से कुंभ मेले में दिन भर श्रद्धालु गुजरते रहे। 500 शटल बसें शहर में सतत संचालित रहीं।

 वसंत पंचमी पर अक्षयवट दर्शन नहीं

वसंत पंचमी पर स्नानार्थियों की भीड़ को देखते अक्षयवट दर्शन के लिए नहीं खुला। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने शनिवार, रविवार और सोमवार को अक्षयवट दर्शन बंद रखने का निर्णय ले रखा है। 12 फरवरी से तय समय के मुताबिक किला स्थित मूल अक्षयवट के दर्शन श्रद्धालु कर सकेंगे। फिलहाल आज अक्षयवट दर्शन के इच्छुक लोग मायूस दिखे। 

Posted By: Nawal Mishra