प्रयागराज, जेएनएन। कुशल, अर्धकुशल और अकुशल कामगारों के लिए डूडा की ओर से स्थापित शहरी आजीविका मिशन केंद्र नौकरी का बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। करीब दो साल पहले एक आउटसोर्स कर्मचारी को नौकरी दिलाने के साथ शुरू इस केंद्र के जरिए अब तक करीब तीन हजार लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा चुका है। खास बात यह कि इन आउटसोर्स कर्मचारियों की साल में दो बार वेतन वृद्धि होने के साथ पीएफ और ईएसआई की भी कटौती होती है। 

डूडा ने शहरी आजीविका केंद्र की स्थापना की

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहरी आजीविका केंद्र की स्थापना का आदेश दो साल पहले तत्कालीन मुख्य सचिव आलोक रंजन ने जारी किया था। उसके बाद डूडा ने शहरी आजीविका केंद्र की स्थापना की। शुरू में खाद्य एवं औषधि विभाग ने इस केंद्र से एक आउटसोर्स कर्मचारी की डिमांड की। फिर अन्य विभागों से भी आउटसोर्स कर्मियों की मांग हुई।

कर्मचारी आउटसोर्स पर उपलब्ध कराए गए

नगर निगम के टैक्स विभाग में 55 वाहन चालकों, 40 कंप्यूटर ऑपरेटर, 1600 सफाई कर्मियों, मार्ग प्रकाश, उद्यान और पशुधन विभाग में भी करीब 500 कर्मचारी आउटसोर्स पर उपलब्ध कराए गए। प्रयागराज विकास प्राधिकरण में भी मोटर बोट चालक, इलेक्ट्रिशियन और कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए 35 कर्मचारी दिए गए। कुछ अन्य विभागों को भी आउटसोर्स कर्मचारी मुहैया कराए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद से भी वाहन चालकों और हेल्परों की मांग की गई है। जल्द परिषद को भी आउटसोर्स कर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे।

पांच फीसद मिलता है सेवा शुल्क

शहरी आजीविका केंद्र आउटसोर्स कर्मचारी उपलब्ध कराने के एवज में संबंधित विभागों से पांच फीसद सेवा शुल्क लेता है। कर्मचारियों के वेतन से कोई कटौती नहीं की जाती है।

100 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस

अपनी प्रतिभा और क्षमता के मुताबिक नौकरी पाने के लिए कामगारों को डूडा में रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके लिए 100 रुपये फीस लगती है।

शहर मिशन प्रबंधक ने कहा

शहर मिशन प्रबंधक राजकुमार द्विवेदी कहते हैं कि आउटसोर्स कर्मियों को समयबद्ध वेतन मिलता है। अप्रैल और अक्टूबर महीने में वेतनवृद्धि भी होती है। यह केंद्र सेवायोजन एजेंसी के रूप में काम कर रहा है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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