प्रयागराज [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) 2021 में प्रवेश जुलाई के बाद शुरू होना है। इस बार अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर प्रवेश नहीं मिलेगा, बल्कि दावेदारों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी। प्रवेश परीक्षा का सिलेबस (पाठ्यक्रम) अभी तय नहीं है, क्योंकि इधर करीब बीस वर्षों से प्रवेश परीक्षा नहीं हो रही थी। परीक्षा संस्था ने शासन से पूछा है कि लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम तय किया जाए। इसी के बाद विस्तृत कार्यक्रम जारी होगा।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने डीएलएड 2021 का प्रस्ताव फरवरी में ही बेसिक शिक्षा निदेशक व शासन को भेजा था। पहले पंचायत चुनाव व यूपी बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम तय न होने से यह कोर्स भी लंबे समय तक लटका रहा। इधर कोरोना संक्रमण बढ़ने से स्कूल-कॉलेज व शैक्षिक संस्थान बंद हैं। शासन ने प्रस्ताव का अनुमोदन करने की जगह निर्देश दिया कि प्रवेश प्रक्रिया जुलाई के बाद तय की जाए।

वजह, दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम डीएलएड में इस बार बड़े बदलाव हो रहे हैं। ये पाठ्यक्रम प्रदेश के 67 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों व 3103 निजी कॉलेजों में संचालित होता रहा है। सरकारी संस्थानों में 10,600 व निजी कालेजों में 2,31,600 सीटें हैं। शिक्षक भर्ती में डीएलएड व अन्य पाठ्यक्रमों के साथ ही बीएड के अभ्यर्थियों को भी मौका दिया जा रहा है।

शासन की मंशा है कि मेधावी ही हर पद पर चयनित हों। इसीलिए परीक्षा संस्था ने शासन को पत्र भेजकर पूछा है कि आखिर प्रवेश परीक्षा का सिलेबस क्या होगा? इधर, 20 वर्ष से प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश मेरिट से मिलता रहा है। ज्ञात हो कि प्रवेश परीक्षा 2001 तक हुई थी। यह तय होने के बाद ही परीक्षा संस्था विस्तृत कार्यक्रम घोषित करने की तैयारी कर रही है।

डीएलएड 2020 में भी प्रवेश नहीं : कोरोना संक्रमण की वजह से ही डीएलएड 2020 के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी। उस समय भी परीक्षा संस्था ने समय रहते इसका प्रस्ताव भेजा था। संक्रमण के हालात कुछ सुधरने पर डीएलएड 2020 के लिए प्रवेश कराने की मुहिम निजी कालेजों ने शुरू की, लेकिन इस पर निर्णय नहीं हो सका था। इस बार प्रवेश शुरू होना तय माना जा रहा है।

Edited By: Umesh Tiwari