शरद द्विवेदी, प्रयागराज। चुनावी बयार बहते ही जनता जनार्दन कृपानिधान की हैसियत में आ गई है, उनकी मिन्नत बढ़ गई है। खुशी हो या गम। हर मौके पर नेता लोगों के बीच पहुंचकर भावनात्मक जुड़ाव दर्शाने को प्रयासरत हैं। जिन नेताओं से मिलने के लिए चक्कर काटने पड़ते थे, अब वही लोगों की परिक्रमा कर रहे हैं। स्थिति यह है कि जिनके घर में शादी के है उन्हें तय तारीख से पहले गिफ्ट पहुंचाए जा रहे हैं। वो भी एक-दो नहीं, बल्कि चुनाव लडऩे का सपना पालने वाला हर नेता उपहार पहुंचा रहा है। तेरहवीं में तो बिना बुलाए ही शोक व्यक्त करने वाले नेताओं की लाइन लगी है।

शादी से कई रोज पहले घर पहुंचा दिए उपहार

कटरा निवासी विवेक अग्रवाल के बेटे की शिवम की शादी 27 जनवरी को है। निमंत्रण राजनीतिक दलों के नेताओं को भी दिया है। विवेक के घर में शादी से पहले उपहार पहुंचने लगा है। मजे की बात यह है कि हर दल में टिकट के कई दावेदार हैं। सभी दावेदार उपहार पहुंचा रहे हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति मीरापुर के वीरेंद्र शर्मा के साथ हो रहा है। इनकी बेटी सोनम का विवाह पांच फरवरी को है, लेकिन उपहार मिलने का सिलसिला अभी से शुरू हो गया है।

गलत नहीं मानते इसे भाजपा नेता पदुम

वरिष्ठ भाजपा नेता पदुम जायसवाल इसे गलत नहीं मानते। कहते हैं कि लगन में व्यस्तता बढ़ जाती है। नेताओं को एक दिन में कई जगह जाना पड़ता है। समयाभाव में कई जगह चाहकर भी नहीं पहुंच पाते हैं। इसी कारण अभी से उपहार भेजवा रहे हैं। सपा नेता दानबहादुर मधुर कहते हैं कि चुनाव के कारण नेताओं की व्यवस्तता बढ़ गई है। ऐसे में जहां से कार्ड आए हैं, उनके घर में उपहार दिया जा रहा है, जिससे ऐन वक्त पर कोई छूटने न पाये। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह कहते हैं कि नेताओं के सबसे आत्मीय रिश्ते होते हैं। इसी कारण हर जगह उपहार पहुंचाया जा रहा है। इसे गलत नजरिए से नहीं देखना चाहिए।

संपर्क का माध्यम बन रहे आयोजन

मतदान को अभी काफी समय है। इसके बावजूद राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देने लगे हैं। भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। शादी, अंतिम संस्कार, तेरहवीं सहित हर आयोजनों को जनसंपर्क का माध्यम बनाया गया है। हर जगह पार्टी का कोई न कोई प्रमुख नेता पहुंचता है। लोगों के सुख-दुख में शामिल होकर अपने हित की बात भी छेड़ देते हैं।

Edited By: Ankur Tripathi