प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद की भाजपा सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी ने अपने बेटे मयंक जोशी के लिए विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंट सीट से टिकट मांगा है। मंगलवार को उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र भी लिखा। कहा, यदि एक परिवार एक टिकट की नीति बेटे को विधानसभा टिकट देने में आड़े आ रही हो तो वह सांसद पद से त्यागपत्र देने को तैयार हैं। इस प्रकरण को लेकर उन्होंने उत्तर प्रदेश भाजपा चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात की है। इस पेशकश से पार्टी में हलचल बढ़ गई है।

मैं नाराज नहीं, बस बेटे को टिकट मिल जाए लखनऊ कैंट से

फोन पर हुई बातचीत में सांसद ने कहा कि उनके सांसद पद से त्यागपत्र देने के प्रस्ताव का यह अर्थ कदापि नहीं की वह पार्टी से नाराज हैं। उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा पहले ही कर दी है। पार्टी यदि चाहे तो वह अभी से पद छोड़ सकती हैं। उनकी इच्छा है कि बेटे को टिकट दे दिया जाए क्योंकि वह 2009 से लखनऊ कैंट क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। जैसे सभी लोग टिकट मांग रहे हैं, मयंक भी टिकट के इच्छुक हैं। अंतिम निर्णय संगठन के शीर्ष नेतृत्व को करना है। सांसद ने यह भी बताया कि प्रदेश प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात के दौरान प्रयागराज के यमुनापार विधानसभा सीटों को लेकर भी चर्चा हुई।

महानगर अध्यक्ष ने यह कहा

इस बाबत भाजपा के महानगर अध्यक्ष गणेश केशरवानी ने कहा कि टिकट किसे कहां से मिलेगा यह शीर्ष नेतृत्व तय करेगा। डा. जोशी की संगठन से कोई नाराजगी नहीं है। सांसद होने के नाते उनके पास कई क्षेत्रों की जिम्मेदारी है, उसकी रिपोर्ट देने के लिए वह प्रदेश प्रभारी से मिलीं।

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 19 को

सांसद डा. जोशी ने बताया कि गोवा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लिए उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने के लिए भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक 19 जनवरी को होगी। पिछले हफ्ते सीईसी की पहली बैठक हुई थी। इसमें उत्तर प्रदेश की 172 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया गया। यह वह सूची है जहां पहले तीन चरणों में मतदान होना है। अब तक भाजपा ने उत्तर प्रदेश के लिए 107 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। गोवा और उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश के लिए पार्टी उम्मीदवारों के और नामों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को फिर बैठक होगी।

Edited By: Ankur Tripathi