प्रयागराज, ब्यूरो: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2023 में होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में नकल माफिया पर वार करने दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इस परीक्षा में परीक्षार्थियों को दी जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं (कापियों) पर बार कोड और माध्यमिक शिक्षा परिषद का मोनोग्राम लगाए जाने की तैयारी है। ऐसा पहली बार किया जा रहा है। इससे परीक्षा केंद्रों पर उत्तरपुस्तिकाओं में हेरफेर करने व बाहर से लिखकर उत्तरपुस्तिकाएं जमा करने के नकल माफिया के मंसूबे विफल हो जाएंगे। 

यूपी बोर्ड पूर्व की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए नित नए कदम उठा रहा है। पूर्व के वर्षों की परीक्षाओं के दौरान केंद्र के बाहर उत्तर पुस्तिकाएं लिखी जाने की शिकायतें आती रही हैं। कई केंद्रों के बाहर ऐसे मामले पहले पकड़े भी गए हैं। 

उत्तर पुस्तिकाओं पर बार कोड और मोनोग्राम होने से बाहर से लिखकर कापियां जमा करने की संभावना खत्म हो जाएगी। इस नए प्रयोग के कारण पुरानी उत्तर पुस्तिकाओं पर लिखकर जमा करने की भी गुंजाइश नहीं रहेगी। 

इसके अलावा बार कोड की मदद से परीक्षा के बाद कापियों की स्कैनिंग कराई जाएगी, जिससे बोर्ड को यह पता चले कि जिन उत्तरपुस्तिकाओं पर परीक्षा हुई है वह बोर्ड की ओर से भेजी गई है या किसी और माध्यम से पहुंची है।

उत्तर पुस्तिकाओं की होगी रैंडम चेकिंग: सचिव

यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि उत्तर पुस्तिका पर बार कोड और मोनोग्राम लगाए से बोर्ड की परीक्षा तो शुचितापूर्ण होगी ही, नकल माफिया पर भी अंकुश लग सकेगा। बोर्ड हर हाल में परीक्षा सकुशल संपन्न कराने की तैयारी में लगा हुआ है। इससे उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली का खेल खत्म हो जाएगा। बोर्ड परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की रेंडम चेकिंग भी बार कोड के माध्यम से की जाएगी। नकल पर पूरी सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।

Edited By: Shivam Yadav

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