इलाहाबाद (जेएनएन)। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2019 आगामी फरवरी माह में प्रस्तावित है। इसका परीक्षा कार्यक्रम भी इसी माह जारी हो रहा है। इसके बाद परीक्षा तैयारियां और तेज होंगी। इसमें वायस रिकॉर्डर लगवाने का आदेश अफसरों के लिए परेशानी का सबब बना है, क्योंकि जिन कालेजों ने ऑनलाइन अपने संसाधनों की सूची भेजी है, वे अब तक इसका इंतजाम नहीं कर सके हैं। कई कालेज इसके लिए अलग से फंड की मांग कर रहे हैं।

अब नित-नए प्रयोग का दौर

बोर्ड परीक्षा में नित-नए प्रयोग का दौर जारी है। पिछले वर्ष सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में परीक्षा कराई गई। उस समय यह शिकायतें मिली कि कई कालेजों में शिक्षक बोलकर नकल करा रहे थे। ऐसे में इलाहाबाद मंडल में इसे लगाने के निर्देश पिछले वर्ष ही हुए थे जबकि, इस बार केंद्र स्थापना नीति में वायस रिकॉर्डर को शामिल कर लिया गया है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि पिछले वर्ष सीसीटीवी कैमरे लगवाएं हैं, अब इसका इंतजाम कहां से करें।

सोमवार को डिप्टी सीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग

यही नहीं कालेजों में परीक्षा में बायोमैट्रिक हाजिरी पर भी जोर दिया जा रहा है। एक साथ कई संसाधनों का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। ये बात पिछले दिनों उप मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में प्रमुखता में उठी। इसीलिए सोमवार को डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा और अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल जिला विद्यालय निरीक्षकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे। इसमें परीक्षा तैयारियों का जायजा लेने के साथ ही वायस रिकॉर्डर लगवाने का आदेश देंगे। 

 

Posted By: Nawal Mishra