इलाहाबाद (जेएनएन)। विधानसभा चुनाव और यूपी बोर्ड परीक्षा 2017 कराने में चुनाव आयोग भारी पड़ता दिख रहा है। बोर्ड के एकाएक परीक्षा कार्यक्रम जारी करने और आयोग के सख्त एतराज के बाद यहां का पूरा नजारा ही बदल गया है। बोर्ड अफसर इस मुद्दे पर बोलने को तैयार नहीं है, जबकि बोर्ड व आयोग के अफसरों की कई बार बैठकें हो चुकी हैं। ऐसे में कर्मचारी भी दूसरे कामकाज में जुटे हैं। जिस तरह से एकाएक परीक्षा तैयारियां सुस्त पड़ी हैं। उससे विधानसभा चुनाव पहले और परीक्षाएं बाद में होने के पूरे आसार हैं।

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पहले विधानसभा चुनाव फिर परीक्षा

माध्यमिक शिक्षा परिषद की यूपी बोर्ड परीक्षा (हाईस्कूल व इंटरमीडिएट) 2017 के फार्म भरने के साथ आगे की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। शैक्षिक सत्र में बदलाव के बाद पिछले दो साल से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू होकर मार्च में खत्म होती रही हैं। इस बार भी बोर्ड प्रशासन ने फरवरी मध्य से परीक्षा कराने के इंतजाम किए थे, लेकिन विधानसभा चुनाव भी इसी दौरान होने की उम्मीद है इसीलिए चुनाव आयोग ने परीक्षा कार्यक्रम जारी होते ही सख्त एतराज किया। साथ ही बोर्ड अफसर दिल्ली तलब हुए। उसके बाद आयोग और बोर्ड अफसरों की कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। कहा जा रहा है कि आयोग ने बोर्ड को परीक्षा कराने की संभावित तारीखें सुझा दी हैं इसीलिए बोर्ड की कार्यप्रणाली में बदलाव आया है। अब सब कुछ धीमी गति से हो रहा है। इसी से स्पष्ट है कि विधानसभा चुनाव पहले होंगे और परीक्षाएं बाद में कराई जाएंगी।

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बोर्ड जल्दबाजी का पक्षधर नहीं

बोर्ड परीक्षा और चुनाव दोनों कार्य बहुत बड़े पैमाने पर होने थे इसलिए तारीखों का टकराव न हो इसका पूरा ध्यान रखा गया था, लेकिन बोर्ड प्रशासन इसमें जल्दबाजी करने के पक्षधर नहीं थे। उनकी मंशा थी कि यदि चुनाव परीक्षाओं के आसपास होने हैं तो पहले चुनाव की घोषणा हो जाए, तभी परीक्षा कार्यक्रम जारी किया जाए, ताकि उन्हीं तारीखों के आगे या पीछे परीक्षाएं करा ली जाएं। इसके पहले परीक्षा केंद्र निर्धारण, प्रायोगिक परीक्षाएं आदि समय पर करा लिया जाए, लेकिन एक निर्णय ने सब उलट-पुलट दिया और अब बोर्ड फूंक-फूंककर कदम आगे बढ़ा रहा है। परिषद सचिव शैल यादव का कहना है कि अब चुनाव आयोग ही तय करेगा कि यूपी बोर्ड की परीक्षा किस तारीख से शुरू होगी। इसलिए धीमे-धीमे तैयारियां कर रहे हैं। जैसे ही तारीखें घोषित होंगी, तैयारियां और तेज हो जाएंगी।

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इलाहाबाद-चित्रकूट मंडल की तैयारी जानी

प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में दलों के खर्चों पर विशेष नजर रखी जाएगी। किसी भी कीमत पर आचार संहिता का पालन करवाया जाएगा। पेड न्यूज पर भी सतर्क नजर रहेगी। यह बातें भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव ने मंगलवार को गांधी सभागार में इलाहाबाद और चित्रकूट मंडल के अधिकारियों के साथ चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कहीं। कहाकि कार्यक्रम की घोषणा होते ही आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। जैसे ही आचार संहिता प्रभावी हो, राजनीतिक पार्टियों की प्रचार सामग्र्री हटा दी जाए। उन्होंने शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे में करने का निर्देश दिया। इस मौके पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त उप्र टी वेंकटेश भी थे।

जेलों की होगी विशेष निगरानी

उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव ने कहा कि डीएम व एसएसपी जेलों पर विशेष नजर रखें। जेल आने वालों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाए। कर्मचारी या अधिकारी द्वारा किसी कैदी की अनुचित मदद की सूचना मिलने पर जांच कराकर अभियोग दर्ज कराया जाए। उन्होंने कहा कि शंका के आधार पर प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों का भी मोबाइल फोन चेक किया जाएगा। सड़क पर वाहनों की चेकिंग के दौरान वीडियोग्राफी कराने की बात भी कही गई। एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने कहा कि प्रत्येक दशा में लाइसेंसी शस्त्रों को जमा कराए जाएंगे। बताया कि जेलों में जैमर लगने जा रहे हैं। उप निर्वाचन आयुक्त दिव्यांगों की सहूलियत के लिए मतदान केंद्रों पर रैंप बनाने की हिदायत दी। दोनों मंडलों के जिलाधिकारियों से कहा गया कि वह दिव्यांगों को विशेष कार्ड निर्गत करें। मुख्य निर्वाचन आयुक्त टी वेंकटेश ने मतदाताओं को एपिक कार्ड हर हाल में दिलाने के लिए निर्देशित किया। कहा कि जिनके नाम सूची से हटाए या जोड़ें जाएं, उन्हें एसएमएस के जरिए सूचित किया जाए।

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