प्रयागराज, जेएनएन। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 के लिए केंद्र निर्धारण के पहले डिबार कालेजों की सूची जारी होगी। डिबार यानी वे कालेज जिन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा, ऐसे कालेजों को चिन्हित किया जा रहा है, जल्द ही परीक्षा समिति उस पर मुहर लगाएगी। सूत्रों के अनुसार अब तक करीब 400 कालेजों को काली सूची में डालने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा तैयारियां इन दिनों तेजी से चल रही हैं। शासन परीक्षा के लिए नीति जारी कर चुका है और सभी कालेजों से आधारभूत सूचनाएं भी ली जा चुकी हैं, राउटर व ब्राडबैंड सुविधा शुरू कराने के लिए अलग से कालेजों को मौका भी दिया गया। अब बोर्ड नीति की समय सारिणी के मुताबिक केंद्र निर्धारण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह प्रक्रिया शुरू होने से पहले डिबार कालेजों की सूची जारी होगी।

इस काली सूची में उन कालेजों को रखा जाएगा, जहां पिछले वर्ष की बोर्ड परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल, पेपर आउट, गलत पेपर खोलने, दोबारा परीक्षा कराने सहित अन्य तमाम तरह की अनियमितताएं मिली थीं। ऐसे कालेजों की लिस्ट सभी क्षेत्रीय अपर सचिवों से मांगी जा चुकी है। कहा जा रहा है कि सूची में अब तक करीब 400 कालेजों को रखा गया है, उस पर अंतिम निर्णय परीक्षा समिति करेगी। जिससे उनकी संख्या कम या फिर ज्यादा हो सकती है। बोर्ड प्रशासन डिबार कालेजों की सूची इसी सप्ताह जारी कर सकता है। इसे वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा।

यूपी बोर्ड ने पिछले वर्ष की परीक्षा में 438 कालेजों को काली सूची में डाला था, परीक्षा के दौरान होने वाली घटना को देखते हुए डिबार होने की समय सीमा तय होती है। सामान्य रूप से कालेज तीन वर्ष के लिए डिबार किया जाता है। वहीं, जो कालेज अब तक डिबार रहे हैं और समय सीमा पूरी कर चुके हैं उन्हें फिर से केंद्र बनने का मौका मिलेगा। इसे देखते हुए डिबार कालेजों की कुल संख्या चार सौ के आसपास ही रहने की उम्मीद है।

Posted By: Umesh Tiwari

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