प्रयागराज, जेएनएन। UP Board Exam 2020 : साख बनी रहे और गोपनीयता बरकरार रहे, ये दो बड़ी चुनौतियां यूपी बोर्ड के सामने फिर खड़ी हो गई हैं। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम तैयार होने के समय ही इससे जूझता आ रहा है। यदि इस बार प्रभावी अंकुश न लगा तो गड़बड़ी की हैट्रिक लग जाएगी, क्योंकि पिछले दो वर्ष से गोपनीयता तार-तार होती आ रही है। इसी को ध्यान में रखकर बोर्ड प्रशासन सीसीटीवी के साथ वायस रिकॉर्डर की निगरानी में मूल्यांकन कराना चाहता है। साथ ही गैरहाजिर परीक्षार्थियों की तर्ज पर परीक्षकों की उपस्थिति पर विशेष रहेगी।

यूपी बोर्ड ने 2018 का रिजल्ट 29 अप्रैल को जारी किया था। सफलता शानदार थी, जबकि परीक्षा में नकल रोकने के लिए विशेष सख्ती की गई थी और बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने इम्तिहान से किनारा कर लिया था। रिजल्ट के दूसरे ही दिन सोशल मीडिया पर पहले परिणाम पर गंभीर सवाल किए गए और फिर कुछ लोगों ने एवार्ड ब्लैंक (वह पेपर जिस पर कॉपी में मिले अंक दर्ज किए जाते हैं) को वायरल कर दिया।

एवार्ड ब्लैंक सार्वजनिक होने का मानों सिलसिला चल पड़ा था। सोशल मीडिया पर अंक पत्र भी जारी हुए। जिन्हें देखकर हर कोई यह अनुमान आसानी से लगा सकता था कि परीक्षार्थी को काफी कम अंक मिले हैं, लेकिन अंक पत्र में अधिक अंक दर्ज कर किए गए हैं। इस मामले में बोर्ड प्रशासन ने एवार्ड ब्लैंक वायरल करने वाले दो शिक्षक खोजे और उन्हें मूल्यांकन कार्य से आजीवन डिबार कर दिया।

वर्ष 2019 में तो हाईस्कूल व इंटर का रिजल्ट आने से पहले ही अंक बढ़वाने के लिए सीधे छात्र-छात्राओं व अभिभावकों तक अज्ञात लोगों के फोन पहुंचे। इसमें सवाल उठा कि आखिर छात्र-छात्राओं के मोबाइल नंबर गोपनीय रहते हैं, वह केवल स्कूलों से भेजने और बोर्ड में उसे रिसीव करने वालों के पास होते हैं, फिर वह कैसे लीक हो गए। बोर्ड सचिव ने इसकी शिकायत पुलिस महानिरीक्षक से की, लेकिन इसमें बड़े रैकेट का खुलासा नहीं हो सका। रिजल्ट में हेरफेर कराने की मंशा रखने वाले अब तक बचे हैं। अब फिर मूल्यांकन होली बाद शुरू होना है, इसमें बोर्ड परीक्षकों पर निगाह पर रखे है और अन्य कई इंतजाम कर रहा है, लेकिन गोपनीयता बरकरार रखने की चुनौती बनी है।

16 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं का होगा मूल्यांकन

यूपी बोर्ड की परीक्षा छह मार्च, 2020 को खत्म हो गई है। अब बोर्ड प्रशासन उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारियों में जुट गया है, हालांकि होली के बाद पांच जिलों के 72 केंद्रों पर कुछ विषयों की दोबारा परीक्षा भी होगी। बोर्ड प्रशासन उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 279 केंद्रों का चयन किया है, वहां पर करीब एक लाख 45 हजार परीक्षक तैनात किए जा रहे हैं। वे साढ़े तीन करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे। इस संबंध में जल्द ही औपचारिक आदेश जारी होगा। बोर्ड ने पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक मूल्यांकन केंद्र व परीक्षक नियुक्त किए हैं, ताकि यह कार्य मार्च में ही पूरा हो जाए और परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह में घोषित किया जा सके।

Posted By: Umesh Tiwari

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