मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

प्रयागराज, जेएनएन। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने केंद्र सरकार की सौ दिन की उपलब्धियां गिनाईं। बोले, सरकार आतंकवाद और भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस नीति पर चल रही है। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया है। भ्रष्टाचार के मामलों में भी किसी को बख्शा नहीं जा रहा है। जनधन की लूट को छूट नहीं दी जाएगी। जो गुनहगार हैैं उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा और जो बेगुनाह हैं उन्हें छुआ नहीं जाएगा। यह सरकार इकबाल, ईमान और इंसाफ की है। अभी पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम जेल गए हैैं, जल्द ही राबर्ट बाड्रा का भी नंबर है।

नकवी ने स्वीकार किया कि आर्थिक मंदी है, मगर इसे क्षणिक बताया

केंद्रीय मंत्री नकवी ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस की सरकार में पता ही नहीं चलता था कि प्रधानमंत्री कौन है और सरकार कौन चला रहा है। आज देश के साथ पूरी दुनिया को पता है कि धाक और धमक के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार चला रहे हैैं। उन्होंने स्वीकार किया कि आर्थिक मंदी है, मगर इसे क्षणिक बताया। इसको लेकर शोर वही कांग्रेस के लोग मचा रहे हैैं जो अपनी पार्टी में तंगी और मंदी दूर नहीं कर पा रहे हैैं।

नकवी बोले, समावेशी विकास मोदी सरकार की राष्ट्रनीति है

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समावेशी विकास मोदी सरकार की राष्ट्रनीति है और सर्वस्पर्शी सुशासन राष्ट्रधर्म है। इस सौ दिनों में सरकार ने कड़े और बड़े फैसले भी लिए हैैं। इसमें तीन तलाक पर सख्त कानून, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करना, छोटे व्यापारियों व किसानों को पेंशन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैैंकों का विलय आदि को गिनाया।

अल्पसंख्यकों के लिए आगे आए

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मुद्रा, उज्ज्वला, सौभाग्य, आयुष्मान भारत से अल्पसंख्यकों को भी लाभ मिला है। अल्पसंख्यक छात्रों को वजीफा भी पहले से अधिक दिया गया। मोदी सरकार ने बिना तुष्टीकरण के सशक्तीकरण के संकल्प के साथ जो काम किया, उसका लाभ अल्पसंख्यकों को भी हुआ। अल्पसंख्यकों को अभी तक जानबूझ कर अंधेरे में रखा गया था। सौभाग्य से उन्हें उजाला मिला। सरकार के पहले सौ दिनों में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों के लिए मिशन मोड पर काम किया है।

छह लाख वक्फ संपत्तियों का डिजिटाइजेशन किया गया

नकवी बोले कि सौ कॉमन सर्विस सेंटर मंजूर किए। देश की छह लाख वक्फ संपत्तियों का डिजिटाइजेशन किया गया। इनका जियो टैगिंग व जीपीएस मैपिंग का काम शुरू हो गया है। हुनर हाट से पांच लाख दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों को रोजगार दिलाने का लक्ष्य है। कश्मीर में हुनर हब की रूपरेखा तैयार हो रही है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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