प्रयागराज, जेएनएन। अनैतिक संबंधों के शक के चलते की गई हत्या का आरोप साबित होने पर आरोपित रूपचंद पाल और दक्खी लाल पाल को जिला न्यायालय ने उम्र कैद और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिताली गोविंदराव ने एडीजीसी अशोक कुमार मौर्य एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने जुर्माने की आधी धनराशि मृतक के परिवार को दिए जाने का आदेश दिया है।

शव कमरे में और हाथ मिले थे बाथरूम में

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के लोको रेलवे कालोनी में रहने वाले राधेश्याम तिवारी ने 26 अक्टूबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पुत्र विनोद कुमार तिवारी ने 2012 में आर्य समाज मंदिर में गायत्री पाल से शादी की थी। दोनों साथ रह रहे थे। इन्हीं के साथ आरोपित रूपचंद पाल अपनी पत्नी के साथ रहता था। रूपचंद पाल को शक था कि उसकी पत्नी से विनोद के अनैतिक संबंध हैं। जिस कारण विनोद कुमार की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। उसका शव कमरे के अंदर और दोनों कटे हाथ बाथरूम से पुलिस ने बरामद किया था। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए छह गवाह पेश किए।

बम बरामदगी में आरोपित को तीन साल  सजा

प्रयागराज : जिला न्यायालय ने बम बरामदगी का आरोप साबित होने पर जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर अभियुक्त को तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। अभियुक्त 16 अप्रैल 2019 से जेल में बंद है। न्यायालय के समक्ष उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और कहा कि वह अति गरीब है। जिस कारण वह अपनी जमानत भी नहीं करा पाया। यह निर्णय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भारत सिंह यादव ने एडीजीसी टीएन दीक्षित को सुनकर दिया है। घटना 16 अप्रैल 2019 को धूमनगंज थाने की है। वादी उपनिरीक्षक ऋतुराज सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ गश्त पर थे। सूचना पर अभियुक्त को गिरफ्तार किया और उसके पास से पांच बम बरामद किया था।

Edited By: Ankur Tripathi