प्रयागराज, जागरण संवाददाता। ऐसा सीन आमतौर पर फिल्मों में ही देखने को मिलता है कि कक्षा में बच्चे पढ़ रहे हों और तभी वहां कोबरा नाग आ जाए। फिर आप कल्पना कर सकते हैं कि कैसी अफरातफरी और भगदड़ मच सकती है। ऐसा गुरूवार को हकीकत में हुआ जब प्रयागराज के एक स्कूल की कक्षा में कोबरा नाग आ गया, और वो भी एक नहीं, दो-दो कोबरा नाग-नागिन। बच्चों की चीख-पुकार के बीच शिक्षकों ने सर्प मित्र अंकित टारजन को फोन किया तो उन्होंने जाकर बड़ी मशक्कत के बाद दोनों कोबरा को पकड़ा और जंगल में छोड़ दिया।  नाग-नागिन के स्कूल में पहुंचने से बच्चे इस कदर घबरा गए कि उनके पकड़े जाने के बाद भी कक्षा में नहीं जा रहे थे इसलिए उन्हें घर भेज दिया गया।

दो नाग देख कक्षा से भागे बच्चे

शहर से करीब 26 किलोमीटर दूर घूरपुर के कर्मा कस्बे के छीतूपुर में है श्री सुभाष चंद्र इंटर कालेज। यहां गुरूवार सुबह तकरीबन 10 बजे का वाकया है। कक्षा आठ से इंटर तक के बच्चे अपनी कक्षाओं में थे। तभी एक कक्षा में एक साथ दो सांप पहुंच गए। उन्हें देख बच्चे चीखते हुए बाहर भागे। दोनों नाग एक कोने में पहुंचे तो कक्षा से स्टूल कुर्सियां बाहर कर दी गईं। कक्षा में एक साथ दो नाग पहुंचने से ऐसी दहशत मची कि बाकी कक्षाओं से भी बच्चे बाहर आकर दूर खड़े हो गए। दहशत के इस माहौल के बीच स्कूल के वरिष्ठ अध्यापक आनंद शकर पांडेय ने शहर के कीडगंज निवासी सर्प मित्र अंकित टारजन को फोन कर इस बारे में बताया। करीब 30 मिनट में अंकित स्कूल पहुंच गए।

डसने की कोशिश कर रहे थे नाग-नागिन

तब तक शोरगुल की वजह से दोनों नाग कक्षा में इधर-उधर भागने लगे थे। अंकित ने देखा तो बताया कि वे इंडियन कोबरा नाग और नागिन हैं। अंकित उन दोनों को पकड़ने की कोशिश में जुट गए। दोनों कोबरा अंकित को डसने का प्रयास कर रहे थे। भागने की बजाय वे अंकित की तरफ फन काढ़कर हमला कर रहे थे। बड़ी मशक्कत और सावधानी बरतते हुए अंकित ने एक के बाद एक नाग और नागिन को पकड़ लिया। नाग पकड़े गए तो बच्चे ताली बजाने लगे। अंकित ने दोनों कोबरा नाग को जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।

भारी भरकम अजगर को देख सहमे ग्रामीण

स्कूल में दो कोबरा नाग दिखने के वक्त ही गंगापार में सोरांव के रंगपुरा गांव के दक्षिणी छोर पर लोग एक भारी भरकम अजगर को देख सहम गए। भीड़ लगी तो इस बारे में वन विभाग को फोन से खबर दी गई। सोरांव वन क्षेत्र के रेंजर बलवंत सिंह पहुंच गए। उन्होंने अजगर को पकड़वाने के बाद उसे शंकरगढ़ के जंगल में छोड़ने के लिए भेजा। रेंजर ने कहा कि अजगर संभवत गंगा के कछार से इधर आया है।

Edited By: Ankur Tripathi