प्रयागराज, जागरण संवाददाता। वर्ष 2019 की बात है। प्रयागरज में कुंभ मेले का आयोजन था। संगम भ्रमण व स्‍नान के लिए देश-विदेश से आने वाले लोगों को प्रयागराज की सड़कें भा गई थी। प्‍लेन और सपाट सड़कों पर सफर आरामदायक था। हालांकि समय के साथ अब यह बीते दिनों की बात हो चुकी है। वर्तमान समय में यह हाल है कि अधिकांश सड़कों पर वाहन हिचकोले खाते हुए चलते हैं। गड्ढों में तब्दील ज्यादातर मार्ग बारिश का पानी भी भर जाता है।

योजना बनती है लेकिन जमीनी काम नहीं

सिविल लाइंस क्षेत्र में मिश्र भवन और पत्रिका चौराहा के बीच स्टेनली रोड पर हुए गड्ढे में फंसकर बाइक सवार अक्‍सर गिरकर चोटिल होते हैं। इसी तरह बैरहना डाट का पुल समेत अन्‍य ऐसे मार्ग हैं जिनपर लोगों का चलना दूभर है। बारिश के दिनों में सड़कों की स्थिति दयनीय हो चुकी है। हालांकि इसके लिए बैठकों का दौर होता है और कार्ययोजना बनती है लेकिन जमीनी रूप से काम होते नहीं दिख रहा है। ज्यादातर सड़कें जानलेवा बन गई हैं फिर भी अफसर अनजान बने हैं।

शहर की व्‍यस्‍त सड़क स्‍टेनली रोड क्षतिग्रस्‍त

स्टेनली रोड शहर की सबसे ज्यादा व्यस्ततम सड़कों में से एक है। इस रोड पर जगह-जगह दर्जनों गड्ढे हैं। सिविल लाइंस बस अड्डा के बगल की सड़क भी खस्ताहाल है। गड्ढों में जलभराव होने के कारण बसों के गुजरने पर राहगीरों पर गंदे पानी के छीटे पड़ जाते हैं। अल्लापुर में संजय नगर मलिन बस्ती से बख्शी बांध जाने वाली रोड, कानपुर रोड, लीडर और हीवेट रोड, बांगड़ धर्मशाला, मीरापुर में ललिता देवी मंदिर रोड, अतरसुइया गली समेत शहर की ज्यादातर सड़कें गड्ढों में तब्दील होने से हादसे को आमंत्रित कर रही हैं।

बारिश के कारण स्थिति ज्यादा खराब

बारिश के कारण सड़कों की स्थिति ज्यादा ही खराब हुई है। सड़कों किनारे जलनिकासी की व्यवस्था न होने से सड़कें बैैठ गईं, जिससे गड्ढे हो गए। सात मीटर से चौड़ी सड़कों का निर्माण लोक निर्माण विभाग को कराना है। नगर निगम के मुख्य अभियंता सतीश कुमार का कहना है कि सड़कों की पैचिंग के लिए दो करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है। एक-दो दिनों में पैचिंग का काम शुरू कराया जाएगा।

सड़कों पर गिट्टी, मिट्टी, मलबा से भी मुश्किल

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ताशकंद मार्ग, क्लाइव रोड, कूपर रोड, कटरा में मनमोहन पार्क से इलाहाबाद विश्वविद्यालय तक, पन्ना लाल रोड, कचहरी से मम्फोर्डगंज वाली रोड समेत 13 मार्गों का चौड़ीकरण और सुंदरीकरण हो रहा है। इन सड़कों पर भी गिट्टी, मिट्टी और मलबे का ढेर लगे होने से राहगीरों का चलना मुश्किल है। काम की प्रगति धीमी होने से स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी बनी है। कई मार्गों पर नाले का निर्माण होने के कारण स्थिति और गंभीर है।

Edited By: Brijesh Srivastava