प्रयागराज, जेएनएन। पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ में मामूली विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को इतना मारा कि वह लहूलुहान हो गया। आरोपित भाई ने ही उसे अस्‍पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, अयोध्‍या में श्री राम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर प्रयागराज के लोगों में जबरदस्त उत्साह और रोमांच रहा। आलम य‍ह था कि भूमि पूजन कार्यक्रम कार्यक्रम को देखने के लिए लोग घरों में परिवार के साथ टीवी के समक्ष डटे रहे। जबकि, श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए चबूतरा बनाने, शिला पूजन में कारसेवा करने वालों का मन फिर कुलांचे भर रहा है। उनकी हसरत है कि श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण में वह श्रमदान करें।

प्रतापगढ़ में सगे भाई ने पीटकर मार डाला, मामूली विवाद में वारदात को अंजाम दिया

पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ में मामूली विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को इतना मारा कि वह लहूलुहान हो गया। आरोपित भाई ने ही उसे अस्‍पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। वारदात कोहड़ौर थाना क्षेत्र के फूलपुर शाहपुर गांव की है। इस मामले में पुलिस को तहरीर पिता ने अपने बेटे के खिलाफ दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपित को हिरासत में ले लिया। फूलपुर शाहपुर गांव लहुरी वर्मा अपने दो बेटों के साथ रहते हैं। किसी बात को लेकर बुधवार की रात में लहुरी वर्मा के बड़े पुत्र रामचंद्र वर्मा (35) का छोटे भाई किशन कुमार से विवाद हो गया। बात बढ़ी तो आक्रोशित किशन कुमार ने रामचंद्र की जमकर पिटाई कर दी थी।

Ayodhya Ram Mandir Bhumi Pujan : स्वर्णिम पल को यादगार बनाने को टीवी के समक्ष जुटे रहे लोग, सड़कों पर सन्‍नाटा

अयोध्‍या में श्री राम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर प्रयागराज के लोगों में जबरदस्त उत्साह और रोमांच रहा। आलम य‍ह था कि भूमि पूजन कार्यक्रम कार्यक्रम को देखने के लिए लोग घरों में परिवार के साथ टीवी के समक्ष डटे रहे। वहीं जिन्‍हें आवश्‍यक कार्य से बाहर निकलना था या ऑफिस में जो मौजूद थे, वह वहीं टीवी प्रोग्राम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण समाप्‍त होने तक देखते रहे। वहीं दूसरी ओर बाहर सड़कों और बाजार में सन्‍नाटा भी पसरा रहा।

Ayodhya Ram Mandir : पहले की कारसेवा, अब मंदिर निर्माण में श्रमदान की हसरत

श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए चबूतरा बनाने, शिला पूजन में कारसेवा करने वालों का मन फिर कुलांचे भर रहा है। उनकी हसरत है कि श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण में वह श्रमदान करें। मंदिर निर्माण के दौरान अयोध्या जाकर पत्थर, ईंट ढोकर अपना जीवन सफल करना चाहते हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्रमणि त्रिपाठी उन्हीं लोगों में हैं। वह 1990 व 1992 की कारसेवा में शामिल हुए थे। जब छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराया गया था। तब इनके जिम्मे कारसेवकपुरम् अयोध्या की व्यवस्था थी। वहां कारसेवकों की देखरेख की जिम्मेदारी संभाले थे।

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