प्रयागराज, जेएनएन। नवाबगंज थाना क्षेत्र में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर अनियंत्रित कार के पेड़ से टकराने से दो लोगों की मौत हो गई। हादसे में कार सवार तीन जख्‍मी भी हुए। इसी क्रम में कौशांबी में दो दिनों से लापता दिव्‍यांग का शव कुएं में मिला। वहीं शारदीय नवरात्र में इन दिनों दुर्गा पूजा पंडालों में आस्‍था की गंगा बह रही है।

लखनऊ हाईवे पर अनियंत्रित कार पेड़ से टकराई, दो की मौत तीन घायल

नवाबगंज थाना क्षेत्र में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे स्थित अहमदगंज गांव के पास रविवार की रात अनियंत्रित कार पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार सवार मंगरी 55 और अंकित 30 की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से जख्‍मी हो गए। उनका इलाज रायबरेली के जिला अस्‍पताल में हो रहा है। कानमऊ थाना कमलापुर जनपद सीतापुर निवासी शुभम अवस्‍थी 28 पुत्र रंजीत अपने चाचा राजेश अवस्थी का अस्थि कलश लेकर प्रयागराज के संगम में प्रवाहित करने के लिए जा रहा था। इसी दौरान हादसा हुआ। वहीं घायलों में शुभम अवस्थी, बुद्धि लाल पुत्र उदित नारायण व नीरज पुत्र जगजीवन हैं। वह सभी कानमऊ, थाना कमलापुर जनपद सीतापुर के रहने वाले हैं। घायलों को रायबरेली से लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया है।

दो दिन से लापता था दिव्यांग, कुएं में मिली लाश

कौशांबी जनपद में कोखराज थाना क्षेत्र के चमंधा गांव में दो दिन से लापता दिव्यांग युवक की लाश कुएं में पड़ी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्‍जे में ले लिया। चमंधा निवासी अशर्फी लाल का 35 वर्षीय पुत्र सुखलाल तीन साल पहले ट्रेन हादसा का शिकार होने के बाद दिव्‍यांग हो गया था। वह प्रयागराज में भीख मांग कर किसी प्रकार परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके तीन बच्चे भी हैं। कुछ माह से सुखलाल काफी परेशान रहा करता था। आए दिन शराब के नशे में धुत भी रहा करता था। पत्‍नी पुष्पा ने बताया कि दो दिन पहले वह घर से प्रयागराज के लिए निकला। इसके बाद लापता हो गया। परिवार के लोगों ने उसकी काफी खोजबीन की।

दुर्गापूजा पंडालों में आने वाले भक्‍तों में दिख रही आस्‍था

शारदीय नवरात्र में इन दिनों दुर्गापूजा पंडालों में देर रात तक चहल-पहल हो रही है। आकर्षक पंडालों के साथ ही मां दुर्गा की मनोरम प्रतिमा का दर्शन और पूजन करने के लिए मानो शहरवासी उमड़ पड़े हों। यूं तो भीड़ सुबह से ही रहती है, लेकिन अंधेरा होने पर अचानक ही बढ़ जाती है। रंग-बिरंगी बिजली की छटा के बीच पूजा पंडाल और मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, स्वामी कार्तिकेय और श्रीगणेश की आकर्षक प्रतिमा लुभा रही है। देर शाम को परंपरागत ढंग से होने वाली आरती में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट रही है। ढोल की थाप पर मां की आरती के दौरान भक्तों का नृत्य भी आकर्षण का केंद्र बना रहता है।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस