प्रयागराज, जागरण संवाददाता। पुत्र की खुशहाली व लंबी आयु के लिए महिलाएं बुधवार को ललही छठ (हल षष्ठी) व्रत रखेंगी। निर्जला व्रत रखकर छठ मइया का पूजन व कथा का पाठ करेंगी। व्रत को लेकर मंगलवार को फल, पूजन के लिए चीनी व मिट्टी के कुल्हड़, कांसा, महुआ की पत्ती, खीरा की खरीदारी हुई। वहीं, दाना भुनवाने का क्रम देर शाम तक चलता रहा।

जानिए क्या है पूजा करने का सही समय

ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार भाद्रपद शुक्लपक्ष की षष्ठी तिथि मंगलवार की रात 12.01 बजे लगकर बुधवार की रात 11.52 बजे तक रहेगी। सुबह आठ से 10.15 बजे कन्या लग्न व दोपहर 12.22 से शाम बजे तक वृश्चिक लग्न रहेगी। इसी समयावधि में पूजन करना उचित रहेगा। ललही छठ में किसी देवी-देवता की मूर्ति का पूजन करने के बजाय कुश, महुआ की पत्ती को जमीन में गाढ़कर पूजन किया जाता है। प्रसाद स्वरूप चीनी का कुल्हड़, भुना चना, लाई, गेंहू आदि चढ़ाया जाता है।

आरएसएस के सभी कार्यालय पर किया गया ध्वजारोहण

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी कार्यालयों पर उत्साह के साथ तिरंगा फहराया गया। सिविल लाइंस स्थित आनंदा आश्रम में कार्यालय प्रमुख बलराम ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। विभाग प्रचारक डा. पीयूष उनके साथ माैजूद रहे। सभी स्वयंसेवकों ने राष्ट्रगान गाकर जीवनपर्यंत देश के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया। इस मौके पर क्रांतिकारियों के बलिदान को उनके कार्यों के माध्यम से याद किया गया। इस मौके पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री शीतल भी मौजूद रहे। जार्जटाउन स्थित प्रयाग उत्तर के कार्यालय में भाग संघचालक लालता प्रसाद ने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर भाग कार्यवाह मुकेश, बृजेश, रामकुमार मौजूद रहे। फूलपुर कार्यालय में प्रांत पर्यावरण प्रमुख कृष्ण मोहन ने ध्वजारोहण किया। यहां पर्यावरण को बचाने का भी संकल्प स्वयंसेवकों ने लिया। इस मौके पर जिला कार्यवाह बेचन, जिला प्रचारक अमरजीत, सुभाष, रवि आदि मौजूद रहे।

Edited By: Ankur Tripathi

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