प्रयागराज: दुनिया का सबसे बड़ा मेला प्रयागराज में बसने जा रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए आए दिन मीटिंग हो रही है। अन्य जिलों से पुलिस फोर्स ने भी आमद दर्ज करा दी है। ऐसे में जिले में 24 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग स्थानों पर गोली मारकर हत्या किए जाने की सनसनीखेज वारदात हो गई। ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या किए जाने से कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

एक घटना रविवार शाम को झूंसी थाना क्षेत्र के शेरडीह गांव में हुई। नैनी जेल गेट पर हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपित वीरेंद्र यादव को ताबड़तोड़ गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। वीरेंद्र यादव उर्फ करिया उर्फ बाबा (28) पुत्र बचई किसानी करता था। सेंट्रल जेल नैनी के बाहर पांच जून 2016 को हुई गैंगवार में शेरडीह गांव के ज्ञानचंद्र उर्फ वकील और उसके चाचा लालता की हत्या हुई थी। उसमें पुलिस ने वीरेंद्र समेत कई अन्य शूटर को जेल भेजा था। करीब छह माह पहले वह जमानत पर छूटा था। रविवार शाम साढ़े छह बजे वह अपने चचेरे भाई अमर से बातचीत कर रहा था, तभी लाल रंग की पल्सर से आए तीन युवकों ने अमर को धक्का देकर हटाते हुए वीरेंद्र को गोलियों से छलनी कर दिया।

हत्या की दूसरी वारदात घूरपुर थानाक्षेत्र के करमा बाजार में हुई। यहीं के निवासी पूर्व प्रधान लालचंद्र पटेल के 40 वर्षीय बेटे विनय की करमा पुलिस चौकी से महज सौ मीटर की दूरी पर पान की गुमटी है। रविवार रात करीब पौने नौ बजे वह दुकान बंद कर रहा था, तभी बाइक से पहुंचे दो युवकों ने कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। बाजार में गोली मारकर हत्या किए जाने से दहशत फैल गई। हत्या की वजह दशहरे के दिन बलापुर गाव के युवकों से हुई मारपीट से जोड़कर देखी जा रही है।

तीसरी वारदात सोरांव थाना क्षेत्र के गौरा गांव में शनिवार रात हुई, जिसमें गांव के ही रहने वाले किसान शिव नारायण पटेल (80) को तीन गोली मारी गई। उनका बेटा राजेश पटेल अपने ट्यूबवेल से खेत में पानी भर रहा था। उसके साथ भतीजा व प्रधान का बेटा श्यामा भी था। शिव नारायण बेटे को माचिस देने के लिए खेत गए और वहां से पैदल ही लौट रहे थे। उसी दौरान तीन गोली चलने की आवाज सुनाई दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। पानी भरने के बाद जब राजेश व अन्य लोग पाइप समेटने के लिए गए तो खून से लथपथ शिवनारायण की लाश पड़ी थी। परिजनों की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

Posted By: Jagran