प्रयागराज, जेएनएन। लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान पथराव-भगदड़ के मामले में आरोपित कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेश पति त्रिपाठी के अलावा मनोज तिवारी और प्रहलाद द्विवेदी ने एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में समर्पण कर दिया। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने उन्हें न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश दिया। बाद सभी को 50-50 हजार रुपये की जमानत पेश करने पर रिहा कर दिया गया।

लखनऊ के हजरतगंज थाने का मामला है

मामला लखनऊ के हजरतगंज थाने का है। यहां 17 अगस्त 2015 को दर्ज कराई गई एफआइआर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गन्ना भुगतान, पेट्रोल मूल्य वृद्धि, अपराध व भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया था। अचानक करीब पांच हजार कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने के लिए जाने लगे। पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे भगदड़ मच गई और पुलिस के कई अधिकारी चोटिल हो गए। कुछ वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।

रंगदारी से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर

अपर जिला जज दिनेश चंद्र ने गाजीपुर निवासी अभिनव यादव की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। अभिनव रंगदारी से जुड़े मामले में आरोपित है। अभिनव के अधिवक्ता विकास गुप्ता व सहायक अभियोजन अधिकारी के तर्क सुनने के बाद मामला जमानत योग्य पाया।  झूंसी थाने में डॉ. जीपी शुक्ला ने चार जुलाई 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। पुलिस ने मोबाइल नंबर को ट्रेस करने के बाद अभिनव यादव को आरोपित बनाया है। याची के अधिवक्ता विकास गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि विवेचक ने अवांछित मांग की है। याची को गिरफ्तारी भी किया जा सकता है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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