अभियान-----बूंद-बूंद पानी के खर्च का देना होगा हिसाब

कवायद

-सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने को भेजा जाएगा नोटिस

-चिह्नित किए जाएंगे भट्ठे, कोल्ड स्टोरेज, होटल-रेस्टोरेंट, अस्पताल, मोटर सर्विस सेंटर

जागरण संवाददाता, प्रयागराज : भूजल के दोहन के चलते प्रयागराज के शहरी क्षेत्र के डार्क जोन में चले जाने के बाद जिला प्रशासन, भूगर्भ विभाग, पीडीए, जलकल, नगर निगम और लघु सिंचाई विभाग भी अब गंभीर हो गया है। सरकारी ïभवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए उनके विभागों को नोटिस भेजा जाएगा। वर्षा जल संचय की व्यवस्था न करने वाले निजी संस्थानों से जुर्माना वसूला जाएगा।

भूगर्भ जल विभाग की ओर से बड़े भवनों, शापिंग माल, अस्पताल, रेस्टोरेंट, होटल, ईंट-भट्ठा, कोल्ड स्टोरेज, वाशिंग प्लांट, मोटर गैरेज, सर्विस सेंटर, आरओ प्लांट, शैक्षणिक संस्थानों को नोटिस भेजा जाएगा। इसके लिए इन प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर सूचीबद्ध करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। भूजल विज्ञानी अर्चना सिंह का कहना है कि इन प्रतिष्ठानों में जितना जल का दोहन किया जाता है उसके मुताबिक वाटर रिचार्ज की व्यवस्था करने, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया जाएगा।

लघु सिंचाई विभाग की ओर से पुलिस थानों, पुलिस कार्यालयों, तहसीलों, सरकारी अस्पतालों समेत अन्य सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए नोटिस भेजा जाएगा। लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल-कालेजों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए बीएसए और डीआइओएस को नोटिस भेजकर उनसे इसके लिए पहल करने को कहा जाएगा। इसी तरह बड़े शैक्षणिक संस्थानों, समूह आवास योजनाओं, अपार्टमेंट्स को भी नोटिस भेजने की कवायद शुरू कर दी गई है।

बोले लोग

शहर के डार्क जोन में चले जाने के बाद भूजल को लेकर सभी को चिंता करनी चाहिए।

-संतोष प्रजापति, कीडगंज

भूगर्भ जल के दोहन पर अंकुश के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे हालात सुधर सके।

-रवींद्र मिश्रा, अल्लापुर

ग्राउंड से जितना जल निकाला जाए, उतना ही रेन वाटर के रिचार्ज की भी व्यवस्था होनी चाहिए।

-अनिल कुमार, जार्जटाउन

भूजल के इसी तरह अधाधुंध दोहन से आने वाले समय में स्थिति भयावह होने की आशंका है।

-वेद प्रकाश गुप्ता, बेली कालोनी

भूजल स्तर को दुरुस्त रखने के लिए सभी लोगों को आगे आने की आवश्यकता है।

-रवि, करेलाबाग

भूगर्भ जल की बर्बादी रोकने के लिए हर विभाग, हर संस्था की ओर से कोशिश होनी चाहिए।

-विपिन केशरवानी, कटरा

Edited By: Jagran