प्रयागराज, जेएनएन। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर एलएलएम छात्रा से दुष्कर्म व पीड़िता पर ब्लैकमेल के आरोपों की जांच कर रही एसआइटी ने मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रगति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश किया। कोर्ट को बताया कि स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये मांगने की फोन पर आवाज की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 28 नवंबर तय करते हुए जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कायम जनहित याचिका की निगरानी हाई कोर्ट की खंडपीठ कर रही है। पीड़िता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रविकिरण जैन ने पक्ष रखा। उन्होंने पीड़िता की एक अर्जी पर कोर्ट का ध्यान आकृष्ट किया। इसमें चिन्मयानंद के खिलाफ पीड़िता की ओर से बहुत पहले नई दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई गई है, उस मामले की अलग से जांच की मांग की। बताया गया कि एसआइटी उस मामले की भी जांच कर रही है। वहीं, कोर्ट ने राज्य सरकार से इस अर्जी पर भी जवाब मांगा है। सरकार की तरफ से शासकीय अधिवक्ता एसके पाल व एजीए प्रथम एके संड व स्वामी चिन्मयानंद की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार ने पक्ष रखा।

जमानत पर छह को होगी सुनवाई

स्वामी चिन्मयानंद को ब्लैकमेल करने की आरोपी दुष्कर्म पीड़िता एलएलएम छात्रा की जमानत अर्जी पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार व चिन्मयानंद के अधिवक्ता को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। इस मामले में सुनवाई छह नवंबर को होगी। इस अर्जी की सुनवाई न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने की। अर्जी में झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए जमानत पर छोड़ने की मांग की गई है।

Posted By: Dharmendra Pandey

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