प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (इविवि) में शिक्षक दिवस यानी पांच सितंबर को 22 वर्ष बाद होने वाले दीक्षा समारोह में मानद उपाधि को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है। इस जंग में छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी भी इविवि प्रशासन के खिलाफ उतर गए हैं। इविवि के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं रिटायर्ड प्रोफेसर राम किशोर शास्त्री के सवालों का जवाब देते हुए इविवि प्रशासन ने चैथम लाइन स्थित अतिथि गृह में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि दीक्षा समारोह पर काली शक्तियां मंडराने लगी हैं। इसके लिए जिला प्रशासन को भी अनहोनी की आशंका को लेकर पत्र लिखा जाएगा।

डीजीपी ओपी सिंह व पुरा छात्र केशरीनाथ त्रिपाठी पहचान के मोहताज नहीं

दरअसल, इविवि के रिटायर्ड प्रोफेसर राम किशोर शास्त्री ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी और डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि दिए जाने का विरोध किया था। साथ ही समारोह के लिए इविवि के विजिटर यानी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सूचना न देने का आरोप लगाया था। इसी मसले को लेकर मंगलवार को इविवि प्रशासन ने आनन-फानन में प्रेस वार्ता की। दीक्षा समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इविवि के राजनीति विज्ञान से परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले पुरा छात्र और उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह व पुरा छात्र केशरीनाथ त्रिपाठी किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं।

बोले, कार्य परिषद की बैठक में इस पर अंतिम मुहर भी लग जाएगी

प्रो. रामेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से प्रस्ताव रखा गया इसके बाद एकेडमिक काउंसिल की बैठक में मानद उपाधि पर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बुधवार को होने वाली कार्य परिषद की बैठक में इस पर अंतिम मुहर भी लग जाएगी। उन्होंने कहा इविवि के एक्ट के अनुरूप विजिटर को समारोह के बारे में सूचना भी दी गई। 23 अगस्त को राष्ट्रपति ने इविवि प्रशासन को पत्र लिखकर समारोह सफलतापूर्वक सम्पन्न होने की शुभकामनाएं भी दी थी। ऐसे में इविवि के शिक्षक रह चुके प्रो. शास्त्री का इस तरह बयान देना उचित नहीं है।

सहयोग करने के बजाय राजनीति कर रहे प्रो. शास्त्री

प्रेस वार्ता के दौरान इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने कहा कि इविवि को 2005 में केंद्रीय दर्जा मिलने के बाद पहली बार समारोह का आयोजन हो रहा है। इसमें सहयोग करने के बजाय प्रो. शास्त्री राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दीक्षा समारोह में प्रो. शास्त्री व्यवधान उत्पन्न कर सकते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा। प्रो. दुबे ने कहा कि इविवि के अपने कार्यकाल के दौरान वह शिक्षक संघ के अध्यक्ष भी रहे, लेकिन समारोह नहीं होने दिया। अब समारोह हो रहा है तो काली शक्ति बनकर बाधा डाल रहे हैं।

जवाब तो केवल अधिकृत लोगों को दिया जाएगा : डॉ. चित्तरंजन

इविवि के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. चित्तरंजन कुमार ने कहा इविवि प्रशासन राह चलते सवाल करने वाले लोगों को क्यों जवाब दे। जवाब तो केवल अधिकृत लोगों को दिया जाएगा। रही बात मानद उपाधि को लेकर नाम सुझाने की तो इविवि में बहुत विद्वान हैं, उनसे क्यों सलाह लें। रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला, आक्टा के महासचिव प्रो. शिव मोहन आदि शिक्षकों ने भी प्रो. शास्त्री के बयान की निंदा की है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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