जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : कुर्बानी का त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) शनिवार को मनाया गया। सुबह ईदगाह, जामा मस्जिद समेत शहर की सभी मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गई। नमाज पढ़ने के लिए बच्चे, युवा व बुजुर्ग घरों से सिर पर टोपी लगाकर सफेद, कुर्ता, पायजामा पहनकर निकले। मस्जिदों में नमाज पढ़ने के बाद सबने गले लगकर एक-दूसरे को बधाई दी। बकरीद इंसानियत के लिए खुद या खुद की सबसे प्यारी चीज को कुर्बान करने का संदेश देती है। इसी कारण मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हजरत इब्राहीम की सुन्नत अदा करने को बकरों व बड़े जानवरों की कुर्बानी दी। नमाज के बाद के जानवरों की कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। मुस्लिम धर्मगुरुओं का कहना है कि इंसान को हर समय कुर्बानी देने का जज्बा रखना चाहिए।

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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

इलाहाबाद : बकरीद के मद्देनजर शहर और देहात में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। मस्जिदों के आसपास फोर्स की तैनाती के साथ ही कुर्बानी के मद्देनजर तमाम मुस्लिम इलाकों में पुलिस और आरएएफ तैनात रही।

Posted By: Jagran

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