यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्रयागराज पुलिस की बर्बरता के विरोध में उतरे छात्र संगठन, पुलिस तैनाती के बीच कई हास्टलों में सन्नाटा
तीन रोज पहले रात में हास्टलों में घुसकर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को छात्र संगठन भी उतर आए। ...और पढ़ें

प्रयागराज, जेएनएन। रेलवे ग्रुप डी और एनटीपीसी अभ्यर्थियों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को छात्र संगठन भी उतर आए। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर छात्रों ने पुलिस प्रशासन की बर्बरता का विरोध किया। एहतियात के तौर पर भारी फोर्स भी तैनात है।
एक तरफ छात्र शांतिपूर्ण ढंग से पोस्टर लेकर विरोध जता रहे हैं तो दूसरी तरफ पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ चुपचाप खड़े हैं।

लाठीचार्ज करने पर इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों के निलंबन और मामला हाई कोर्ट तथा चुनाव आयुक्त तक पहुंच जाने की वजह से अब पुलिस भी बैकफुट पर है।
और यहां पुलिस की तैनाती के बीच छात्र हास्टल छोड़कर गए घर

उधर, सलोरी और बघाड़ा की तरफ उन तमाम लाज और डेलीगेसी पर सन्नाटा छाया है जहां दो दिन पहले रात में पुलिस बल ने जमकर कहर बरपाया था। वहां घटना के बाद से पुलिस बल की तैनाती है। ऐसे में माहौल ऐसा दहशत भरा बना हुआ है कि कुछ छात्र घर चले गए तो कुछ अपने दोस्तों के पास। आसपास के लोगों में भी पुलिस के खिलाफ बेहद नाराजगी है क्योंकि पुलिस ने जो तरीका अपनाया वो बेहद गलत था। लाज और हास्टलों में पुलिस बंदूक के कुंदों से दरवाजे तोड़कर घुसी थी। पुलिस के लाठियां बरसाने से कई छात्र गंभीर जख्मी हो गए हैं। कई का हाथ फट गया तो कुछ के पैरों पर चोट है। इस बीच वकीलों ने इस घटना में पुलिस बेरहमी के विरोध में इलाहाबाद हाई कोर्ट में लेटर पिटीशन दाखिल किया है जबकि प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अविनाश पांडेय ने भी चुनाव आयोग को पत्र भेजकर डीएम तथा एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
