प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद केंद्रीय  विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को कमरा खाली करने के लिए एक दिन की मोहलत दी गई है। विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. रामसेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार की ओर से हॉस्टलों के अधीक्षकों और संरक्षकों को इस संदर्भ में पत्र जारी किया गया है। वहीं दूसरी ओर इसकी जानकारी होने पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों में हड़कंप का माहौल है। वह अपना बोरिया और बिस्तर भी समेटने की तैयारी कर रहे हैं।

 अंत:वासियों को शनिवार तक कमरा खाली करने को कहा गया है

पत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन का हवाला देते हुए कहा गया है कि ग्रीष्मावकाश में रखरखाव के लिए हॉस्टलों को खाली रखना विधि संगत है। ऐसे में हॉस्टलों में रहने वाले सभी अंत:वासियों को 25 मई तक कमरा खाली करने को कहा गया है। कमरे को खाली करने से पहले अंत:वासियों को हॉस्टल की ओर से दिए गए सामान को जमा कराकर उन्हें अदेयता प्रमाण पत्र देना होगा। 

ग्रीष्मकालीन हॉस्टल के रूप में शोध छात्रों को देना होगा शुल्क 

ग्रीष्मकालीन हॉस्टल के रूप में शोध छात्रों के लिए डॉ. एएन झा और केपीयूसी ट्रस्ट हॉस्टल निर्धारित किया गया है। इसके लिए छात्रों को 1500 रुपये मासिक भुगतान करना होगा। मेस का शुल्क अलग से देना होगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि देश के किसी भी लोकसेवा आयोग की मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को परीक्षा का प्रवेश पत्र उपलब्ध कराना होगा। इसके लिए 27 मई तक का समय निर्धारित किया गया है।

 

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Posted By: Brijesh Srivastava

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