प्रयागराज, जेएनएन। प्रतापगढ़ जनपद में सदर विधानसभा उपचुनाव के मतदान बाद ईवीएम को महुली मंडी के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। ईवीएम की निगरानी के लिए पर्याप्त पैरामिलिट्री फोर्स मुस्तैद है। वहीं महुली मंडी परिसर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई है। इसके अलावा परिसर में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। समय-समय पर अधिकारी यहां पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी ले रहे हैं।

महुली मंडी में मतगणना 24 अक्‍टूबर को होगी

24 अक्टूबर को महुली मंडी में सदर उपचुनाव की मतगणना होगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी कर रखी है।  एडीएम शत्रोहन वैश्य मतगणना स्थल पर जाकर तैयारियों का जायजा लिया। वहीं  तहसीलदार सदर टीम के साथ मौजूद रहे। कहीं कोई गड़बड़ी न होने पाए, इसके लिए परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे के जरिए जिला प्रशासन नजर रखे हुए है। मजिस्ट्रेट व सीओ भी अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।

ईवीएम में गड़बड़ी की संभावना : नीरज

महुली मंडी में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. नीरज त्रिपाठी डेरा डाल दिया है। ईवीएम में गड़बड़ी होने की आशंका से वह अपने समर्थकों के साथ वहीं हैं। नीरज के मुताबिक ईवीएम में गड़बड़ी की प्रबल संभावना है। उनका कहना है कि अगर ईवीएम में गड़बड़ी हुई तो वह धरने पर बैठेंगे।

बंद कर दिया मुख्य गेट

सोमवार की देर रात ईवीएम जमा कराने के बाद महुली मंडी का मुख्य गेट बंद करा दिया गया है। दूसरे गेट से ही वाहनों का आवागमन हो रहा है। मंडी सचिव रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि मतगणना के बाद इस गेट को खोल दिया जाएगा। प्रशासनिक अफसरों के निर्देश पर इसे बंद किया गया है।

14 टेबल पर होगी मतगणना, आधे घंटे में पहला रुझान

विधानसभा उपचुनाव सदर की मतगणना 24 अक्टूबर को महुली मंडी में होगी। मतगणना का कार्य 27 राउंड में पूरा होगा। इसके लिए 14 टेबल लगाए जा रहे हैं। पहला रुझान सुबह करीब साढ़े आठ बजे आने की संभावना है। गणना के लिए हर एक पर मइक्रो आब्जर्वर, पर्यवेक्षक व मतगणना सहायक की तैनाती का जाएगी। वोटों की गिनती तो सुबह आठ बजे से शुरू होगी, लेकिन कर्मचारियों को सुबह छह बजे ही बुलाया गया है। वहीं चुनाव आयोग के सामान्य पर्यवेक्षक श्रीकांत शास्त्री, डीएम मार्कंडेय शाही, एडीएम शत्रोहन वैश्य व डीडीओ सुदामा प्रसाद ने तैयारियों का जायजा लिया।

मतगणना कर्मी मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे

मतगणना स्थल पर मोबाइल फोन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। गणना के कार्य में लगे कर्मी इसे नहीं रखेंगे। केवल अफसरों के पास मोबाइल रहेगा। मीडिया पंडाल तक मोबाइल ले जाने की पत्रकारों को छूट रहेगी।

डाक से आए 80 वोट

उपचुनाव में सरकारी कर्मचारियों ने भी मतदान किया है। यानि जो ड्यूटी में लगे थे उनको पोस्टल मतदान की सुविधा आयोग के निर्देश पर दी गई थी। 80 पोस्टल वोट आरओ एसडीएम सदर के पास लाए गए। कई वोटरों ने आनलाइन भी मतदान किया है। ऐसे वोट के लिफाफे बुधवार तक स्वीकार किए जाएंगे।

गोपनीयता भंग करना पड़ेगा भारी

लोक प्रतिनिधित्व धारा 1951 के अंतर्गत किसी भी कार्मिक द्वारा मतदान की गोपनीयता भंग करने पर तीन साल की सजा या जुर्माना किया जा सकता है। डीएम ने कहा है कि दोषी पाने पर कर्मी या अन्य पर बिना देर के मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

Posted By: Brijesh Srivastava

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