प्रयागराज, जेएनएन। प्रयागराज और प्रतापगढ़ जिले में सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह का सरगना गुलजार पुत्र स्व. मो. मुस्तकीम आखिरकार स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) के हत्थे चढ़ गया है। उसके पास से एक पिस्टल, कारतूस, मोबाइल बरामद हुआ है। गुलजार, प्रतापगढ़ के मानधाता थाना क्षेत्र स्थित शेखनपुर गांव का रहने वाला है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

पेट्रोल पंप मैनेजर को गोली मारकर करीब चार लाख रुपये लूटे थे

पूछताछ में पता चला है कि गुलजार ने अपने साथियों के साथ वर्ष 2017 में मानधाता में पेट्रोलपंप मैनेजर को गोली मारकर करीब चार लाख रुपये लूटे थे। बीते साल लीलापुर में टाइनी शाखा में घुसकर 45 हजार और पेट्रोलपंप मैनेजर से पौने चार लाख नकद व दो लाख का चेक लूटा था। कृषक सेवा केंद्र, बैंक, मैनेजर, कारोबारी समेत कई से लाखों रुपये की लूट कर चुका है। बीते माह मऊआइमा में अपने साथी मानधाता निवासी शबरे आलम उर्फ शद्दे उर्फ शब्बे व अरमान के साथ गोली मारकर बाइक लूटी फिर जेठवारा में लूट की घटना को अंजाम दिया।

मऊआइमा में घेरेबंदी कर दबोचा

एडिशनल एसपी एसटीएफ नीरज पांडेय ने बताया कि कुछ दिन पहले जानकारी हुई कि गुलजार अपने साथियों के साथ मऊआइमा में बड़ी वारदात करने वाला है। तब सीओ नवेंदु कुमार, इंस्पेक्टर केसी राय और अतुल कुमार की टीम लगाया गया। टीम ने घेरेबंदी कर गुलजार को दबोच लिया, लेकिन उसके साथी शद्दे व अरमान फरार हो गए। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बोले एडिशनल एसपी

एडिशनल एसपी ने यह भी बताया कि गुलजार ने जुलाई 2019 में जेठवारा में अधिवक्ता ओम मिश्रा की हत्या शादाब बाबा व तौहीद के साथ मिलकर की थी। आजमगढ़ जेल में बंद अपराधी तौसीम को शक था कि ओम की मुखबिरी पर ही पुलिस ने उसे गोली मारी थी। उसका बदला लेने के लिए तौसीम ने गुलजार से संपर्क किया तो मुंबई से आकर उसने हत्या की। गुलजार के खिलाफ 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

Posted By: Brijesh Srivastava

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