प्रयागराज, जेएनएन। आगरा के रावतपाड़ा इलाके में स्थित मनकामेश्वर मंदिर में साथियों के साथ मिलकर डकैती के आरोपित भाजपा विधायक जगन प्रसाद गर्ग की मृत्यु हो जाने पर विशेष कोर्ट एमपी एमएलए के न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को समाप्त कर दिया है। वहीं अन्य आरोपितों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए संबंधित कोर्ट को फाइल वापस भेज दी।

मनकामेश्वर मंदिर के प्रशासक ने 2013 में दर्ज कराई थी रिपोर्ट

आगरा जिले के थाना मंडोला में मनकामेश्वर मंदिर के प्रशासक हरिहर पुरी ने 3 अप्रैल 2013 को एफआइआर दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया कि अभियुक्त जगन प्रसाद गर्ग, राम प्रकाश, संजय तिवारी, राम आशीष शर्मा, राम सुरेश शर्मा, निखिल शर्मा, बसंत शर्मा ने मंदिर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के मुकुट, असली मोती की माला और कीमती वस्त्र लूट ले गए थे। आगरा पुलिस ने मुकदमे की विवेचना के बाद अंतिम रिपोर्ट लगाते हुए कहा था कि घटना का होना नहीं पाया गया था। इस पर मंदिर के प्रशासक ने अंतिम रिपोर्ट पर विरोध याचिका दायर की। इसे कोर्ट ने संज्ञान में लेते हुए आरोपितों को तलब किया।

विधायक जगन प्रसाद गर्ग की 10 अप्रैल 2019 को मृत्यु हो गई

इसी बीच एमपीएमएलए कोर्ट का गठन होने के बाद पत्रावली अगली कार्यवाही के लिए प्रयागराज आ गई। इस मामले की सुनवाई के दौरान सिपाही सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि विधायक जगन प्रसाद गर्ग की 10 अप्रैल 2019 को मृत्यु हो गई। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपने निष्कर्ष में पाया कि चंूकि अभियुक्त जगन प्रसाद गर्ग ही एक मात्र जनप्रतिनिधि थे, शेष आरोपित जन प्रतिनिधि की श्रेणी में नहीं आते हैं। ऐसे में जगन प्रसाद के विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दिया। साथ ही मामले को अग्रिम सुनवाई के लिए फाइल आगरा न्यायालय को भेज दिया है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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