प्रयागराज, जागरण संवाददाता। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन होने के बाद चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। मुकाबला भाजपा और सपा में होना है, इसलिए दोनों पार्टियां ने अब एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी हासिल करने के लिए दोनों ही पार्टी ने शतरंज की अब उल्टी चाल भी चलनी की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक अपना दबदबा कायम रखने के लिए क्रास वोटिंग भी कराई जा सकती है। इसको लेकर दोनों खेमे में चिंता भी बढ़ गई है। क्योंकि इससे अब तक की पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

अध्यक्ष बनने के लिए 43 सदस्यों की जरूरत

जनपद में जिला पंचायत सदस्य की कुल संख्या 84 है। जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए 43 सदस्यों की जरूरत है। सपा शुरू से ही अपने जीते समर्थित उम्मीदवारों की अधिक संख्या अधिक होने को लेकर खुद को मजबूत मान रही है। वहीं, भाजपा भी कई जिला पंचायत सदस्यों को पार्टी में शामिल कर विजयी होने का दावा कर रही है। सपा ने मालती यादव तो भाजपा ने डा. वीके ङ्क्षसह को अखाड़े में उतारा है। दोनों ही दल अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन उनको भीतर-ही-भीतर क्रास वोङ्क्षटग का खतरा सता रहा है। इस चुनौती से कैसे निपटा जाए, इसे लेकर पार्टी के दिग्गजों की मदद ली जा रही है। दिग्गज पूरी रणनीति बनाने में लग गए हैं। निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों को पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगाई जा रही है। यह जरूरी भी है, क्योंकि इस मुकाबले में निर्दलीयों की ही मुख्य भूमिका रहेगी। वे जिधर जाएंगे, उस दल की जीत सुनिश्चित होगी। इसके अलावा पार्टी की जीत तय करने के लिए कुछ सदस्यों को अनुपस्थित कराने की भी तैयारी चल रही है। फिलहाल, यह तो तीन जुलाई को ही पता चलेगा कि किसका दावा कितना मजबूत था।

विजयी महिला सदस्यों को पक्ष में लाने के लिए महिला कार्यकर्ताओं को उतारा

समाजवादी पार्टी ने निर्दलीय नवनिर्वाचित महिला जिला पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में लाने के लिए महिला संगठन को मैदान में उतारा है। सपा महिला संगठन की जिलाध्यक्ष अनीता श्रीवास्तव और महानगर अध्यक्ष मंजू यादव को लगाया गया है। दोनों पदाधिकारियों ने कार्य भी शुरू कर दिया है।

Edited By: Ankur Tripathi