प्रयागराज, जेएनएन। विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का उद्देश्य सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि कई देशों में सार्थक हो रहा है। कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। मत, पंथ, भाषा एवं विविधता के बाद भी हम एक हैं। हमारी भावना नर को नारायण में बदलने की ओर अग्रसर हैं। मातृशक्तिके बल पर एवं उनके प्रयासों से हम अपनी सभ्यता एवं संस्कृति की रक्षा करने में सहायक हैैं। मातृ शक्ति के बल पर ही सामाजिक बुराई दूर होती है।

बोले, परिवार की मातृशक्ति राष्ट्र निर्माण का कर रही कार्य

वह अरैल स्थित सच्चाबाबा आश्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर भारत के सभी अनुषांगिक संगठनों के तीन दिवसीय महिला समन्वय पूर्णकालिक एवं प्रवासी कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि परिवार की मातृशक्ति व्यक्ति निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण करने का कार्य कर रही हैं। इनकी भावना सभी के सुखों की है। जो मातृशक्ति अपना घर परिवार छोड़कर समाज के चिंतन को निकली हैं, उनके त्याग के बल पर हमने समय-समय पर सामाजिक बुराइयों का अंत किया है। अपने गौरवशाली इतिहास की रक्षा की है। संघ परिवार के यह विचार घर-घर पहुंचाकर हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक वस्तुओं एवं विचार को लेकर चिंतन करते हैं। हम अपने कार्यों का लक्ष्य तय करते हैं, जिसका चिंतन समय-समय पर लगने वाले इन शिविरों में होता है।

प्रदेश समेत कई राज्‍यों की 140 प्रतिनिधि शामिल हुईं

अभ्यास वर्ग में उत्तर प्रदेश समेत जम्मू, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमांचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश से 140 प्रतिनिधि शामिल हुईं। उद्घाटन सत्र में अखिल भारतीय मातृशक्ति प्रमुख मीनाक्षी ताई ने कार्यक्रमों का प्रस्ताव रखा। इसमें प्रमुख रूप से राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख गीता ताई, सरोज सोनी, विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीश सिंह, प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार, अमित पाठक, अश्वनी मिश्रा, गौरव जायसवाल आदि मौजूद रहे।

संगठन से जुडऩे से बढ़ती है चिंतन की व्यापकता : मीनाक्षी ताई

महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार बहुत कुछ कर रही है, लेकिन उनकी पुख्ता सुरक्षा तभी हो सकेगी, जब उनमें आत्मविश्वास जगेगा। अपनी सुरक्षा के लिए आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है। आत्मविश्वास तभी बढ़ेगा जब वे संघ विचार परिवार के संगठन से जुड़ेंगी। संगठन की नीति-रीति का पालन करने से ही महिलाओं में सकारात्मक सोच का विस्तार होने लगता है।

महिलाओं को संघ विचार परिवार से जुडऩा चाहिए

यह बातें विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय मातृ शक्ति प्रमुख मीनाक्षी ताई ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अधिकांश महिलाएं परिवार से दूर रह रही हैं। ऐसे में उन्हें संघ विचार परिवार से जुडऩा चाहिए। संगठन की कार्यप्रणाली को आत्मसात करें और उद्देश्य से न भटकें। इससे उनमेंआत्मविश्वास जागृत होगा। उन्होंने कहा कि संघ विचार परिवार महिला समन्वय पूर्णकालिक एवं प्रवासी कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को प्रेरणा मिलती है। बौद्धिक सत्र में शामिल होने से चिंतन की व्यापकता बढ़ती है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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