प्रयागराज,जेएनएन। स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार आ रही भारी भरकम शिकायतों से विभागीय अधिकारियों के माथे से पसीना छूट रहा है। चेकिंग मीटर लगवाते-लगवाते विभागीय अधिकारी परेशान हो गए हैं। अब ताे वह उपभोक्ताओं से यह कहने लगे कि मीटर ठीक है, आप ही बिजली की बचत कीजिए। इतना ही नहीं, सभी एसडीओ और जेई को भी निर्देश दिया गया है कि वे पहले खुद इसकी जांच कर लें, उसके बाद ही उपभोक्ताओं को मुख्य कार्यालय भेंजे।

शिकायतों का लग चुका है ढेर

मीटर तेज चल रहा है। पहले ही अपेक्षा अब दो और तीन गुना बिजली का बिल आ रहा है। इसे बदला जाए या चेकिंग मीटर लगवाकर इसकी जांच की जाए। इसी प्रकार की शिकायतें पिछले दो माह से इतनी आ चुकी हैं कि सभी डिवीजन के अधिशासी अभियंताओं के यहां ढेर लग चुका है। इतनी बड़ी संख्या में चेकिंग मीटर नहीं लगाए जा सकते, इसलिए इन शिकायतों में कुछ की ही सुनवाई हो रही है।

शुरू से ही विवादों में रहा स्मार्ट मीटर

स्मार्ट मीटर शुरू से ही विवादों में घिरा रहा। शुरूआती दौर में जब इसे लगाया जाने लगा, तभी लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन जब धीरे-धीरे यह करीब 70 फीसदी उपभोक्ताओं के यहां लगा तो शिकायतें अधिक आने लगीं। स्मार्ट मीटर में सबसे अधिक शिकायत बिजली के बिल को लेकर ही है।

सही है स्मार्ट मीटर : एलपी चक्रवेदी

अधिशासी अभियंता एलपी चक्रवेदी का कहना है कि स्मार्ट मीटर ठीक है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है। लोगों को अपनी सोच को बदलना होगा। कम बिजली खपत करें तो परिणाम खुद सामने होंगे। उनका कहना है कि पहले मैकेनिकल और इलेक्ट्रानिक मीटर डिमांड नहीं बताते थे, इसलिए बिजली का बिल कम आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर में डिमांड बताता है, जिस कारण आप जितनी बिजली खर्च करेंगे और जितना अतिरिक्त लोड होगा, उसका बिल आएगा। बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने चेकिंग मीटर लगवाने की शिकायत की है, जो संभव नहीं है। इसके लिए सभी एसडीओ व जेई को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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