प्रयागराज : हॉलैंड हॉल की स्थिति को सुधारने की कवायद जोरों पर है। इसमें सुधार लाने के लिए इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति ने ट्रस्ट के चेयरमैन से छह माह का समय मांगा है। वहीं दूसरी ओर हॉस्टल के अधीक्षक ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्‍होंने इस अवधि में काम कर पाने में असमर्थता जाहिर की है।

वर्तमान में सीज है हॉलैंड हॉल हॉस्टल
इस हॉस्टल का खाता मौजूदा समय में सीज है। ऐसे में हॉलैंड हाल में आगामी छह महीनों में कुछ सुधार होने की संभावना दूर-दूर तक नहीं नजर आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से हालैंड हॉल हॉस्टल में अनियमितता की जांच के लिए इलाहाबाद हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति अरूण टंडन की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई थी। पांच मार्च को जांच कमेटी के अध्यक्ष के सामने शपथ पत्र देकर हालैंड हॉल ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. पीटर बलदेव ने छह माह का समय मांगा। उन्हें यह समय दे दिया गया।

असमर्थता जाहिर करते हुए अधीक्षक ने कुलपति को लिखा पत्र
इधर हॉलैंड हॉल के अधीक्षक प्रो. शशिकांत राय ने कुलपति को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि छह माह तक हास्टल अधीक्षक के रूप में किसी भी प्रकार का प्रशासनिक कार्य करना उनके लिए संभव नहीं होगा। प्रो. राय के मुताबिक पिछले साल अक्तूबर में नियुक्ति के बाद उन्होंने तत्कालीन अधीक्षक डॉ. शीतला प्रसाद व समन्वयक डॉ. अशोक मसीह से हॉस्टल का चार्ज देने वाले व प्रवेश पाने वाले छात्रों की सूची मांगी है, जो कि उन्हें अब तक नहीं दी गई है। प्रो. राय का कहना है कि उन्होंने किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया है। यह जानकारी वह पत्रों के माध्यम से कुलपति कार्यालय व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अन्य जिम्मेदार लोगों को दे चुके हैं।

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