प्रयागराज : राफेल प्रकरण को लेकर कांग्रेस भी हमलावर हो चली है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने यहां कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने शीर्ष अदालत में प्रकरण में गलत तथ्य पेश किए थे। सरकार ने कहा है कि उसने राफेल डील को कैग और लोक लेखा समिति (पीएसी) से साझा किया है, जबकि ऐसा नहीं है। अब इसी गलती को सुधारने के लिए सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दिया है। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को क्लीनचिट दे दी है।

 प्रेस क्लब में पत्रकारों से मुखातिब शकील अहमद ने कहा कि लोक लेखा समिति के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने जब पे्रस कांफ्रेंस कर यह एलान किया कि उनके पास राफेल की कोई रिपोर्ट नहीं आई तब सरकार बैकफुट पर आ गई। कांग्र्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राफेल खरीद में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। यूपीए सरकार ने इसी बजट में 126 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी की थी। प्रति विमान का रेट 526 करोड़ रुपये तय हुआ था, लेकिन मोदी सरकार ने 1670 करोड़ रुपये प्रति विमान की दर से महज 36 विमान खरीदे। यह न सिर्फ भ्रष्टाचार है, वरन देशद्रोह भी।

 कांग्रेस नेता ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमानों की मेंटीनेंस आदि के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की जगह अंबानी की कंपनी को 35 हजार करोड़ का काम दे दिया। उसे इस काम का अनुभव ही नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उन्हें कुंभ में गंगा स्नान कर अपने पाप धो लेने चाहिए। कांग्रेस इस खरीद की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग पर कायम है। वार्ता के दौरान पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, वरिष्ठ नेता किशोर वाष्र्णेय, विजय मिश्र आदि मौजूद थे।

Posted By: Brijesh Srivastava

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