प्रयागराज, जागरण संवाददाता। जगत के रक्षक महादेव शिव का अतिप्रिय मास है सावन। इस महीने में अत्यंत खास होता है सोमवार का दिन। सोमवार साक्षात शिव का प्रतीक दिन माना जाता है, सावन में उसका महत्व काफी बढ़ जाता है। सावन के सोमवार के दिन शिव को प्रसन्न करने को होने वाले अनुष्ठान शीघ्र सार्थक फल प्रदान करते हैं। व्रत रखकर रुद्राभिषेक, महाभिषेक और जलाभिषेक करने पर शिव प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।

सावन के चौथे साेमवार पर अद्भुत संयोग है

16 अगस्त को पड़ रहे सावन के चौथे व अंतिम सोमवार पर अनुराधा नक्षत्र, ब्रह्मयोग, यायिजय योग, सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है। इय पावन अवसर पर शिव के निमित्त होने वाले समस्त अनुष्ठान सिद्धि को प्राप्त करेंगे। ऐसा ज्‍योतिर्विदों का कहना है।

पराशर ज्‍योतिष संस्‍थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत ने बताया महात्‍म्‍य

पराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय बताते हैं कि सावन के महीने में ही माता पार्वती ने व्रत रखकर भगवान शिव को प्राप्त किया था। इसी कारण सनातन धर्मावलंबियों के लिए यह महीना अत्यंत पवित्र होता है। सावन के सोमवार व प्रदोष पर व्रत रखकर भोलेनाथ की स्तुति करने से साधक को 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के समान फल प्राप्त होता है। सावन के अंतिम सोमवार पर अद्भुत नक्षत्र व योग का संयोग बना है। जो व्यक्ति भक्तिभाव से शिव के निमित्त अनुष्ठान करेगा उसे सुख-समृद्धि के साथ दैहिक, दैविक व भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी।

पार्थिव शिवलिंग बनाकर होगा सामूहिक रुद्राभिषेक

एस्ट्रो प्रयाग शोध समिति द्वारा सामूहिक रुद्राभिषेक श्रीराम मंदिर प्रांगण हीवेट रोड में आयोजित किया जाएगा। संस्था के सचिव ज्योतिषाचार्य अमित बहोरे ने बताया कि आज पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद भक्त रुद्राभिषेक करेंगे। बताया कि रुद्र्राभिषेक करने से मनुष्य की समस्त मनोकामना पूर्ण होती है। सामूहिक रुद्राभिषेक करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। पाॢथव शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करने से उसका महत्व बढ़ जाता है, क्योंकि कलिकाल में पार्थिव शिवलिंग पर किए गए अभिषेक को सर्वश्रेष्ठ फलदायी माना गया है।

Edited By: Brijesh Srivastava