प्रयागराज, जेएनएन। संगमनगरी प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के बाद प्रारंभ माघ मेला अब चरम पर है। माघ मेला में शनिवार को बड़ा संत सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें इस्लामिक जिहाद के साथ ही हिंदू राष्ट्र निर्माण पर चर्चा की जाएगी।

देश में सनातन धर्म व राष्ट्र के सामने व्याप्त चुनौतियों को लेकर संगम तट पर माघ मेला में कल्पवास के शिविर में शनिवार को संत सम्मेलन होने जा रहा है। संगम नगरी में संत समाज के पुरोधा इस्लामिक जिहाद के खिलाफ और हिंदू राष्ट्र निर्माण लिए विर्मश करेंगे।

माघ मेला में धर्म संसद की ओर से महावीर मार्ग पर ब्रह्मर्षि आश्रम के शिविर में होने जा रहे सम्मेलन के मुख्य अतिथि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती हैं। इस सम्मेलन की अध्यक्षता महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि करेंगे।

इस संत सम्मेलन में धर्म संसद के अध्यक्ष स्वामी प्रबोधनंद व संचालन समिति के सदस्य स्वामी सागर सिंधुराज हिंदुओं की घटती जनसंख्या, सनातन धर्म के सामने व्याप्त चुनौतियों जैसे अनेक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। संचालन समिति के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने बताया कि विमर्श का विषय इस्लामिक जिहाद के खिलाफ रखे जाने को लेकर बहुत दबाव बनाया जा रहा है लेकिन संत समाज इससे डिगने वाला नहीं है।

बढऩे लगी दंडी संन्यासियों की संख्या

एक फरवरी को मौनी अमावस्या पर्व पर स्नान के लिए दंडी संन्यासियों की संख्या में संगम तट पर बढऩे लगी है। माघ मेला के प्रथम पूज्य कहे जाने वाले दंडी संन्यासी देशभर में करीब एक हजार हैं। मकर संक्रांति तक दो सौ दंडी संन्यासी माघ मेला क्षेत्र में आ चुके थे। मौनी अमावस्या के पहले 500 दंडी संन्यासी यहां आ जाएंगे।

मौनी अमावस्या की तैयारी

माघ मेला में एक फरवरी को होने वाले मौनी अमावस्या के स्नान को लेकर जोरदार तैयारी भी की जा रही है। प्रयागराज में रविवार रात से बड़े वाहनों की इंट्री प्रतिबंधित रहेगी। माघ मेले में मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व को लेकर ट्रक व दूसरे वाहनों को शहर में प्रवेश नही मिलेगा। इसके लिए अलग-अलग स्थान से रुट डायवर्ट होगा। 

Edited By: Dharmendra Pandey