प्रयागराज, जेएनएन : रोडवेज के डिपो में स्थापित इंडियन ऑयल के पंप से डीजल चोरी करना अब आसान नहीं होगा। पंप के नॉजिल और बसों की टंकी में विशेष चिप लगाई गई है जो बसों में डीजल भरते समय वास्तविक डेटा क्षेत्रीय कार्यालय में लगे कंप्यूटर में फीड कर देगी। इसे हार्ड डिस्क से मिटाया भी नहीं जा सकता। बुधवार को इंडियन ऑयल की एक टीम ने रोडवेज के राजापुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

रोडवेज प्रयागराज के अंतर्गत लीडर रोड, प्रयाग और जीरो रोड डिपो के डीजल पंप राजापुर क्षेत्रीय कार्यालय में है जबकि सिविल लाइंस डिपो का पंप झूंसी स्थित वर्कशॉप में है। अधिकारियों को अक्सर यह शिकायतें मिलती थीं कि पंप से बसों में डीजल भरते समय कर्मचारी खेल करते हैं। तकनीकी गड़बड़ी कर टंकी में डीजल तो कम भरा जाता था जबकि लीटर मापन अधिक दिखाया जाता था। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए उच्चाधिकारियों ने पंप के नॉजिल (पाइप से डीजल निकलने वाला हिस्सा) और बसों की टंकी के मीटर में भी विशेष चिप (आरएफआइडी कार्ड) लगवा दिए हैं। बस की टंकी में डीजल भरते समय जब दोनों चिप संपर्क में आएंगे तो तकनीकी रूप से उसका विवरण क्षेत्रीय कार्यालय के कंट्रोल रूम में लगे कंप्यूटर पर दर्ज हो जाएगा। जो यह बताएगा कि टंकी में वास्तविक रूप से कितना डीजल भरा गया।

पंप में यह चिप पिछले सप्ताह लगाई गई। बुधवार को इंडियन ऑयल की एक टीम रोडवेज के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंची। सभी डिपो से ली गई अपनी रिपोर्ट को प्रस्तुत किया। टीम के सदस्यों ने बताया कि झूंसी स्थित सिविल लाइंस डिपो के पंप में वोल्टेज कम होने की समस्या है।

सामने आ रहे प्रभावी परिणाम :

 प्रयागराज परिक्षेत्र  के  आरएम टीकेएस बिसेन ने बताया कि डीजल चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए पंप और बस की टंकियों में चिप लगाई गई है। इसके प्रभावी परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने झूंसी वर्कशॉप के पंप में वोल्टेज की जो समस्या बताई उसका त्वरित समाधान कर दिया गया है।

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