प्रयागराज, जागरण संवाददाता। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की भारी कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने भर्तियां तो निकाली, लेकिन वह अब तक पूरी नहीं हो सकीं। ऐसे में वर्ष 2013 की प्रधानाचार्य भर्ती जल्दी पूरी कराने की मांग को लेकर कुछ आवेदक कोर्ट चले गए हैैं। इधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर की जा रही 2021 की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) व प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) की भर्ती पूरी करने का हवाला देकर कोर्ट में पक्ष रखकर चयन बोर्ड प्रधानाचार्य भर्ती के लिए समय मांगेगा। अभी 2011 की भर्ती भी अधूरी है।

आठवें साल में भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी

2013 में प्रधानाचार्य के 599 पदों के लिए माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने विज्ञापन निकाला था। इसके लिए करीब 25 हजार आवेदन आए। भर्ती साक्षात्कार के माध्यम से की जानी है, लेकिन आठवें साल में भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इसमें जिस विद्यालय में पद रिक्त है, वहां के दो वरिष्ठ व पांच अन्य शिक्षकों के अनुपात में आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना है, लेकिन यह काम अब तक चयन बोर्ड शुरू नहीं कर सका है। अब जब प्रधानाचार्य भर्ती जल्दी पूरी किए जाने की मांग को लेकर आवेदकों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है तो चयन बोर्ड अपना पक्ष रखने की तैयारी में है।

टीजीटी पीजीटी के बाद आएगी बारी

इस मामले पर चयन बोर्ड के उप सचिव नवल किशोर ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टीजीटी-पीजीटी की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। दोनों परीक्षाएं कराई जा चुकी हैैं। उत्तरमाला की आपत्तियों को निस्तारित कराने के बाद पीजीटी के साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू की जानी है। उसके बाद विद्यालय आवंटन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर तक इस भर्ती को पूरी करने का आदेश दिया है। इस भर्ती को पूरी करने के बाद 2013 के प्रधानाचार्य पद की भर्ती शुरू की जाएगी।

Edited By: Ankur Tripathi