प्रयागराज, जेएनएन। नैनी अरैल में कालिंदी यानी यमुना के तट पर हजारों विदेशी भक्त भी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जयकारा लगाएंगे। मौका होगा कथा मर्मज्ञ मुरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा का। अरैल घाट पर स्थित त्रिवेणी पुष्प के सामने 29 फरवरी से रामकथा शुरू होगी। इसमें करीब सात हजार विदेशी भक्तों के आने की उम्मीद है। त्रिवेणी के किनारे ही उनके रहने और खाने की पूरी व्यवस्था की जा रही है।

पंडाल में 50 हजार श्रद्धालु बैठ सकेंगे, एक हजार कॉटेज बन रहे

श्रीराम कथा के आयोजक संत कृपा सनातन संस्थान नाथ राजस्थान की ओर से एक पखवारे से अरैल घाट पर तैयारी चल रही है। देश विदेश से आने वाले भक्तों के रुकने के लिए कथास्थल के समीप ही एक हजार कॉटेज बनाए जा रहे हैं। इस पंडाल में 50 हजार श्रद्धालुओं के एक साथ बैठने की व्यवस्था की जा रही है। कॉटेज की मजबूती के लिए एल्युमिनियम के हैंगर बनाए जा रहे हैं। एक हेंगर में 75 कॉटेज बनेंगे, जो तूफान आने पर भी सुरक्षित रहेंगे।

70 हजार से अधिक भक्त रामकथा में होंगे शामिल

संस्थान के मीडिया प्रभारी नितिन अमेटा ने बताया कि मोरारी बापू की कथा में 70 से 80 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, दुबई, कतर, इग्लैैंड, श्रीलंका, नेपाल, रूस समेत करीब एक दर्जन से अधिक देशों से बापू के अनुयायी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की कथा सुनने आएंगे।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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