प्रयागराज, जेएनएन। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में रेलकर्मियों की समझदारी से बड़ा हादसा टल गया। खेत भी बच गया और मालगाड़ी भी आग की चपेट में आने से बच गई। शोलों के बीच मालगाड़ी पहुंचती, इससे पहले ही उसको रोक लिया गया। कर्मियों ने रेलवे संपत्ति और खेत को बचा लिया। मौके पर पहुंचे किसानों ने रेल कर्मचारियों के साहस की सराहना की।

सीमेंट फैक्‍ट्री से मालगाड़ी गौरीगंज स्‍टेशन आ रही थी

 सीमेंट फैक्ट्री से मालगाड़ी गौरीगंज स्टेशन आ रही थी। ड्राइवर की नजर ट्रैक के बगल से गए बिजली का पोल पर लगी केबल पर पड़ी, जो जल रही थी। अचानक से उसमें से निकली चिंगारी सरपत पर गिरी, जिससे उसमें आग गई। लपटों ने विकराल रूप धारण करना शुरू किया। दोपहर की तपिश व तेज हवा के कारण ट्रैक और गेहूं के खेत की तरफ तेजी से बढऩे लगी। खतरे को भांप ड्राइवर पंकज ने ट्रेन रोक दी। मालगाड़ी से नीचे उनके साथ गार्ड मोहम्मद अनीस, शंटमैन राकेश गुप्ता और सहायक लोको पायलट आरके वर्मा भी उतरे।

कंट्रोल रूम को सूचना देने के बाद जुट गए कर्मचारी, ग्रामीणों ने भी किया सहयोग

इसकी जानकारी स्टेशन अधीक्षक गौरीगंज को दी गई। वहां से निर्देश मिलने के बाद सभी कर्मचारी आग बुझाने के काम पर लग गए। इसके लिए उन लोगों ने डंडे और मिट्टी का सहारा लिया। तब तक ग्रामीणों को इसकी जानकारी हो गई थी। वह पानी लेकर पहुंचे। पानी डालकर फसल को बचाने में जुटे। इस तरह के सामूहिक प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका। रेल कर्मचारियों के अनुसार किसानों के आ जाने से समय रहते आग बुझा ली गई। इस वजह से ट्रैक पर मालगाड़ी करीब 30 मिनट तक खड़ी रही। रेल कर्मचारियों का कहना था कि आग से रेल संपत्ति को नुकसान का खतरा था। ट्रैक पर आग आने से संचालन प्रभावित हो सकता था, इसलिए गाड़ी रोकनी पड़ी। गार्ड मोहम्मद अनीस ने इस बारे में रेल कंट्रोल को भी सूचना दी है।

 

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