जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : झूंसी के न्याय नगर में वंशिका और विजय की मौत पहेली बनती जा रही है। हत्या के बाद आत्महत्या की कहानी पर अडिग पुलिस ऑनर किलिंग से साफ इन्कार कर रही है, जबकि क्षेत्र में इसी की चर्चाएं आम है। वंशिका और विजय की मौत जहां हुई वहां कोई तीसरा भी मौजूद था, इस कहानी पर पुलिस को यकीन नहीं। वंशिका की मां के बयान पर पुलिस अपनी थ्योरी मजबूत मान रही है। अब विजय के घरवाले पुलिस की कहानी को कैसे दूर करेंगे यह वक्त बताएगा।

गुरुवार शाम झूंसी थाना क्षेत्र के न्याय नगर कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में बीटीसी द्वितीय वर्ष की छात्रा वंशिका सोनी पुत्र रमेश चंद्र और विजय यादव पुत्र स्व. प्यारेलाल की गोली लगने से मौत हो गई थी। वंशिका की मामा लवकुश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि विजय ने पहले वंशिका की हत्या की और फिर खुद को गोली मारकर जान दे दी। पुलिस का साफ तौर पर मानना है कि विजय ने पहले वंशिका को मारा फिर खुद को गोली मार ली। कैसे इस सवाल में कई पेंच हैं, लेकिन पुलिस उसे नजर अंदाज करती दिख रही है। लव की इस कहानी में दूसरे एंगल जोड़ने को पुलिस तैयार नहीं। क्षेत्र के लोग मानने को तैयार नहीं कि वंशिका की हत्या के बाद विजय ने आत्महत्या कर ली। ऐसे में हत्याकांड उलझता सा जा रहा है। कहानी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी पेचीदा बना दिया है। वंशिका को दो गोली मारी गई। एक गोली उसके पेट से मिली है। पहली गोली बायीं कनपटी की तरफ से लगी और मुंह के पास से निकल गई। जबकि दूसरी गोली सीने पर मारी गई थी। विजय के सिर पर बायीं तरफ से गोली मारी गई। विजय के घरवालों का कहना है कि वह दाएं हाथ से सारे काम करता है, ऐसे में बाएं हाथ से गोली क्यों चलाएगा। इतना पर्याप्त नहीं, क्योंकि मौके हालात में कुछ भी संभव है।

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