प्रयागराज, जेएनएन। प्रोफेसर रतन लाल हांगलू के इस्तीफे के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति को लेकर मंगलवार को पूरे दिन प्रो.अंसारी व प्रो. तिवारी के बीच पेच फंसा रहा। मंथन के बाद भी जब कोई निर्णय न हो सका तो प्रो. पीके साहू को एक दिन का कुलपति बना दिया गया। बुधवार को प्रो. साहू की सेवानिवृत्ति के बाद अगले कुलपति के राज से भी पर्दा उठ जाएगा।

कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र हुए सेवानिवृत्त

प्रो. रतन लाल हांगलू के इस्तीफे के बाद पदभार संभाल रहे प्रो. केएस मिश्र मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने पत्र लिखा और इविवि में बिताए हुए पलों को सुखद बताया। इसी बीच देर रात प्रो. पीके साहू को कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया गया। बुधवार को वह भी रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में अगले कार्यवाहक कुलपति पर सभी की निगाहें टिकी हैं। वैसे राष्ट्रपति भवन से जारी आदेश में कहा गया है कि वरिष्ठता सूची में जिस शिक्षक का नाम सबसे ऊपर है, उसे ही पद की जिम्मेदारी दी जाए।

अब प्रो. अंसारी, प्रो. तिवारी या फिर प्रो. रंजना बाजपेयी कार्यवाहक कुलपति की दौड़ में

अब प्रो. एसए अंसारी फिर प्रो. आरआर तिवारी और पांचवें नंबर पर प्रो. रंजना बाजपेयी का नाम है। प्रो. अंसारी के मामले में चर्चा चल रही है कि उनके खिलाफ कोई जांच लंबित है, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि वह उस जांच में सरकारी गवाह हैं। ऐसे में सबसे पहले उन्हीं के नाम का प्रस्ताव रखा जा सकता है। चर्चा रही कि वरिष्ठता सूची को लेकर पेच फंसा रहा। ऐसे में दिनभर विवाद न सुलझने की स्थिति में प्रो. साहू को एक दिन के लिए कार्यवाहक कुलपति बनाया गया। बुधवार को तस्वीर साफ होगी कि अगला कुलपति कौन बनेगा।

प्रो. मिश्र ने वापस लिए आदेश!

इविवि में इस बात की भी चर्चा रही कि प्रो. केएस मिश्र ने कार्यवाहक कुलपति के पद पर रहते हुए 50 से अधिक फाइलों पर आदेश दिया था। अचानक उन्होंने सभी फाइलें वापस मंगवा ली। इसके बाद अपने आदेशों को निरस्त कर दिया। इस संदर्भ में प्रो. मिश्र से संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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