प्रयागराज, [गुरुदीप त्रिपाठी]। प्रदेश की राजनीति में अपनी जमीन तलाश रही कांग्रेस अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में संगमनगरी को पूरब का रणनीतिक केंद्र बना सकती है। एक दिन पहले पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के अध्यात्मिक दौरे के बाद यहां पार्टी कार्यालय के लिए जगह की तलाश शुरू हो गई है। शांत इलाके में चुनाव कार्यालय बनाने के बाद टिकट वितरण और उम्मीदवारों के बारे में फीडबैक जैसे कार्यों पर इसी कार्यालय से मंथन होगा।

नेहरू गांधी परिवार की पुश्तैनी सीट होने के साथ प्रयागराज कांग्रेसियों का गढ़ माना जाता रहा है। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रियंका ने संगमनगरी से गंगा यात्रा निकालकर यह संकेत दे दिया था कि प्रयागराज उनके लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। अब उनका लक्ष्य मिशन-2022 है। मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के बाद प्रियंका ने सांकेतिक तौर पर नाव की पतवार थामकर संदेश दे दिया कि उत्तर प्रदेश की पतवार भी संभालने के लिए कांग्रेस पार्टी की तैयारी पूरी है। यह अलग बात है कि खुद प्रियंका समेत कांग्रेसी इसे सियासी डुबकी मानने से इनकार कर रहे हैं।

अगले माह होगा कांग्रेस महासचिव का दौरा

मौनी अमावस्या पर प्रयागराज आई प्रियंका के दौरे को कांग्र्रेस आध्यात्मिक बता रही है। वह मार्च में वह फिर आ सकती हैं और वह राजनीतिक दौरा होगा। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिलकर प्रयागराज से पूर्वांचल का सियासी समीकरण समझने की भी योजना है। प्रयागराज समेत पूर्वांचल में टिकट वितरण और उम्मीदवारों के बारे में फीडबैक लेने के लिए संगमनगरी को ही अपना रणनीतिक केंद्र भी बनाएंगी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बताया कि प्रदेश में चुनाव से पूर्व तीन कार्यालय तैयार किए जाएंगे। इसमें प्रयागराज भी शामिल है। उत्तर प्रदेश की प्रभारी होने के नाते खुद प्रियंका यहां बीच-बीच में आती रहेंगी। प्रमोद ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आनंद भवन से वह राजनीतिक पारी नहीं खेलेंगी। वहां केवल वह विश्राम करेंगी।