प्रयागराज, जागरण संवाददाता। Prayagraj Weather Update शुक्रवार दोपहर बाद प्रयागराज में मौसम का मिजाज बदल गया। अचानक बादलों की जोरदार गर्जना से भय की स्थिति बन गई। शायद पहली बार ऐसा हुआ कि लोग बिजली की तड़तड़ाहट से घबरा रहे थे। दोपहर करीब सवा तीन बजे देखते ही देखते तेज वर्षा शुरू हो गई। सड़कों पर चल रहे दोपहिया और पैदल वाहन चालक सड़क छोड़कर किनारे दुबक गए।

वर्षा के बीच बादलों की भीषण गर्जना माहौल को और भयावह बना रही थी। शहर से लेकर देहात तक कई इलाकों में बिजली गिरने की खबर है। पूरामुफ्ती, मेजा और बेली गांव में वज्रपात से तीन लोगों की मौत हो गई। कई और जगह वज्रपात से लोग झुलसे हैं। कुछ पेड़ भी बिजली गिरने के कारण आग की चपेट में आ गए हैं।

हाईकोर्ट की छत टपकने से कोर्ट रूम, बरामदों में जलभराव

प्रयागराज में मूसलाधार बारिश से न केवल शहरी इलाकों में जलभराव से ट्रैफिक व्यवस्था लड़खड़ाई बल्कि हाई कोर्ट परिसर भी इससे अछूता नहीं रहा। छत टपकने से कोर्ट रूम व बरामदों में पानी भर गया।

जोरदार बरसात के चलते कोर्ट नंबर 21 में दीवाल में लगे एयरकंडीशनर के सहारे पानी फर्श पर आ गया। बरामदे भी पानी से भर गए। गनीमत यह थी कि कोर्ट अवधि समाप्त हो चुकी थी। अदालत कार्यरत नहीं थी। मूसलाधार बारिश के चलते कुछ वकील कोर्ट रूम में बारिश रुकने का इंतजार कर रहे थे। उन्हीं वकीलों में से किसी ने कोर्ट रूम में पानी का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

मालूम हो कि हाईकोर्ट भवन की देखभाल लोक निर्माण विभाग के जिम्मे है।हर साल जून माह छुट्टी के दौरान भवन पुताई वह मरम्मत होती है। पानी के कोर्ट रूम में फैलने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शहर के कई इलाकों में बिजली गुल, फाल्ट खोजने में परेशान कर्मचारी

जबरदस्त बरसात के बाद शहर के कई इलाकों में बिजली गायब हो गई। रात तक बिजली नहीं आई। लोग परेशान रहे और बिजली कर्मचारी फाल्ट खोजते रहे। आकाशीय बिजली गिरने से भी फाल्ट हुआ है। 

जोरदार बरसात वाला रहा प्रयागराज में यह हफ्ता

मानसून अपनी वापसी से पहले पिछले चार दिनों से जमकर बरस रहा है। शुक्रवार की शाम तक कुछ ही देन में 60 एमएम (मिलीमीटर) वर्षा होने का अनुमान है। इस वर्ष सितंबर में एक से 19 सितंबर तक 66 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। इसके बाद 20 से 23 सितंबर के बीच 167 मिलीमीटर वर्षा हो गई। अब तक सितंबर में 235 मिलीमीटर (एमएम) वर्षा हो चुकी है। तीन दिन हुई तेज वर्षा के बावजूद यह आंकड़ा पिछले साल सितंबर में हुई 375.4 मिलीमीटर वर्षा से काफी कम है।

प्रयागराज में वज्रपात से चार की मौत, दो झुलसे

प्रयागराज : शुक्रवार शाम बादलों की तेज गर्जना के बीच कई स्थानों पर वज्रपात भी हुआ। शहर के पूरामुफ्ती इलाके में तेवरा गोविंदपुर क्षेत्र में वज्रपात से 40 वर्षीय नरेश पुत्र सूर्यबली, 15 वर्षीय उस्मान पुत्र अकील अहमद निवासी बेली गांव तथा 13 वर्षीय राजाबाबू पुत्र हीरालाल निवासी कठौती, मेजा और झूंसी में अजोरा देवी (45) की मौत हो गई। जबकि नरेश के छोटे 34 वर्षीय भाई राम सिंह व 25 वर्षीय गयाल झुलस गए। झुलसे लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि मृत लोगों के पीडि़त परिवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

झूंसी के नीवी भतकार गंगा किनारे स्थित खेत में चारा काटने गए चार लोग आकाशीय बिजली की जद में आ गए। इस दौरान अजोरा देवी (45) पत्नी श्याम सुंदर निषाद की मौत हो गई जबकि शोभा देवी, रंजीत, अनीता झुलस गए। तीनों को निकट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार शाम तेज बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से भतकार गांव के गंगा तट पर चारा काटने गई अजोरा देवी (45) पत्नी श्यामसुंदर निषाद, शोभा देवी (50) पत्नी स्वर्गीय भगवानदीन, रंजीत (28) व उसकी पत्नी अनीता (22) खेत में चारा काट रहे थे। उसी दौरान तेज कड़ाके की आवाज से आकाशीय बिजली गिरी, जिससे चारों लोग झुलस कर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने देखा तो गांव में गुहार लगाई। लोग मौके पर पहुंचे और चारों को झूसी के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। इसमें अजोरा देवी की मौत हो चुकी थी, जबकि शोभा, रंजीत व अनीता को उपचार के लिए भर्ती कर लिया गया।

सड़कों पर जल जमाव, नाले भी ओवर फ्लो

करीब साढ़े तीन बजे शुरू तेज बरसात से शहर और गांव की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। नाले ओवरफ्लो हो गए। नाला किनारे बसे लोगों के घरों में पानी घुसने लगा। प्रयागराज शहर के राजरूपपुर, राजापुर, दरियाबाद समेत तमाम इलाकों में ऐसी समस्या पैदा हो गई। लूकरगंज, लीडर रोड, निरंजन डाट पुल समेत कई जगहों पर जल जमाव से वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा।

Edited By: Ankur Tripathi