प्रयागराज, जेएनएन। श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी के पर्व के निकट हुई झमाझम बारिश के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। यूं तो आसमान पर बादल हैं लेकिन घने नहीं हैं। यही कारण है कि बादलों को बेधकर सूर्य की किरणें धरती तक पहुंचने लगी है। ऐसे में मौसम फिर तल्‍खी की ओर अग्रसर हो गया है। उमस भी नजर आ रही है। मौसम के ऊपर और नीचे होने से लोग इन दिनों परेशान भी हैं। 

पिछले दिनों की बारिश ने दी राहत

पिछले कई दिनों से लोग उमस भरी गर्मी की मार झेल रहे थे। न घर में चैन था और न ही बाहर। कूलर और पंखे बेअसर हो चुके थे। ऐसे में अचानक मौसम बदला और आसमान में काले और घने बादल छा गए। इसके बाद तो बारिश भी शुरू हुई। रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी धीरे बारिश का दौर गुरुवार तक चलता रहा। गुरुवार की रात तक बादलों का डेरा आसमान में था। 

उमस का फिर शुरू हुआ प्रकोप

वहीं शुक्रवार की सुबह से सूर्यदेव का लोगों ने दर्शन किया। आसमान में बादल तो हैं लेकिन वे इतने घने नहीं हैं। इससे बादलों को बेधकर आज सूर्य की किरणें निकली हैं। इससे उमस का वर्चस्‍व एक बार फिर शुरू होने लगा है। हालांकि बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव हटने लगा है। कीचड़ भी सूखने लगा है। 

बदल रहा मौसम, बीमारियाें का खतरा

कभी तेज बारिश तो कभी धूप से उमस भरी गर्मी। यही सब तो इन दिनों वातावरण में देखने को मिल रहा है। अचानक मौसम में बदलाव के कारण वायरल फीवर का भी प्रकोप फैल रहा है। ऐसे में लोगों को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। चिकित्‍सक भी लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण काल में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। वायरस बुखार आने पर तत्‍काल चिकित्‍सक से संपर्क करें। 

बोले मौसम विज्ञानी

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के मौसम विज्ञानी डॉ. शैलेंद्र राय ने बताया कि मौसम में तल्‍खी बढ़ेगी, क्‍योंकि आसमान से बादल छंटने लगे हैं। सूर्य की किरणों का भी वर्चस्‍व रहेगा।

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