प्रयागराज, जागरण संवाददाता। गर्मी से उबल रही संगम नगरी में सोमवार शाम तेज आंधी के साथ हुई राहत की बारिश ने मौसम को सुहाना कर दिया। बेमौसम बरसात से शहर का मौसम शिमला और मसूरी जैसे हिल स्टेशन जैसा हो गया। अचानक मौसम ने ऐसी करवट ली कि तपिश झेल रहे लोगों का तन-मन आधे घंटे में ही खुशगवार हो गया। पहले बूदाबांदी हुई फिर झमाझम बारिश ने मई की रिकार्ड तोड़ भीषण गर्मी से पहली बार भरपूर राहत दी। मौसम विज्ञान विभाग यह राहत आगे भी जारी रहने की भविष्यवाणी कर रहा है।

मौसम ने अचानक करवट ले लिया और फिर बदल गया वातावरण

सोमवार को अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से एक डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता भी बढ़कर 79 प्रतिशत हो गई है और यही बढ़ी आद्रता बारिश की वजह बनी। दोपहर में गर्मी से उमस के मेल ने गर्मी की तासीर को और बढ़ा दिया। तेज धूप से बचने के लिए छांव तलाश रहे लोगों को उमस ने हैरान-परेशान कर दिया। इसके बाद मौसम ने अचानक करवट ले लिया। शाम साढ़े तीन बजेे चली तेज हवाएं उमस को उड़ा ले गईं। धूल भरी आंधी से राहगीर धूल से पट गए पर तापमान में कमी का भी भरपूर आनंद उठाया। आंधी के साथ शुरुआत में फुहारों में लोगों को भिगोया, शाम होतेे-होते बूदाबांदी तेज बरसात में बदल गई। शाम सात बजे तक राहत की बारिश बरसती रही और उमस भरी गर्मी में परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री पहुंचने का अनुमान है।

लहलहाएगी धान की नर्सरी, आम और लीची की बढ़ेगी मिठास

सोमवार शाम हुई बारिश का असर आम व लीची की मिठास और धान की नर्सरी पर भी पड़ेगा। खुसरोबाग के उद्यान विशेषज्ञ वीके सिंह ने बताया कि बारिश होने से जमीन में नमी आए तो धान की नर्सरी लोग समय से पहले डालने लगेंगे। वहीं बारिश से आम तेजी से पकने लगेगा और मिठास बढ़ जाएगी। वैसे तरबूज और खरबूज का स्वाद बारिश से फीका हो सकता है। बताया कि बारिश से अमरूद की फसल की पैदावार बढ़ेगी लेकिन फ्रूट फ्लाई का खतरा भी बढ़ जाएगा। इससे सर्दी की फसल में कीड़े लगने का खतरा अधिक रहेगा। उर्द और मूंग की खेती पर बारिश को प्रतिकूल असर होगा।

कहीं गिरा तार, कहीं फ्यूज और जंपर उड़ा

आंधी-बारिश के कारण सोमवार शाम शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली संकट छा गया। टैगोर टाउन, मेंहदौरी, कालिंदीपुरम, ट्रांसपोर्ट नगर, हरवारा, नीमसराय, झलवा, आजाद नगर, साउथ मलाका, बलुआघाट, करैलाबाग, जीटीबी नगर, मस्तान मार्केट, अल्लापुर, दारागंज, स्टेनली रोड, बेली गांव, राजापुर, कीडगंज आदि इलाकों में पेड़ों की डाल टूटकर तारों पर गिर गईं, जिस कारण तीन घंटे से अधिक समय तक आपूर्ति बाधित रही। देवघाट इलाके में कई जगह तार टूटने से बिजली आपूर्ति बंद हो गई। तेलियरगंज में समयामाई मंदिर के पास बरगद के पेड़ की डाल टूट दूसरे पेड़ पर अटक गई। नीचे तार होने के कारण लोगों ने विभाग अधिकारियों को सूचना दी, जिस पर कर्मचारियों को मरम्मतीकरण को भेजा गया। वहीं, महात्मा गांधी मार्ग, नार्थ मलाका में जंपर उडऩे से दो घंटे आपूर्ति बंद रही। मेडिकल कालेज चौराहा, लीडर रोड, मानसरोवर, बताशा मंडी, शीशमहल, कटघर में फ्यूज उडऩे से डेढ़ घंटे तक सप्लाई बाधित रही।

दिल्ली की फ्लाइट रद, लखनऊ और रायपुर की उड़ान प्रभावित

पं. दीन दयाल उपाध्याय एयरपोर्ट (बमरौली) प्रयागराज से सोमवार को खराब मौसम के कारण एक उड़ान रद हुई। जबकि दो फ्लाइटें देरी से उड़ान भर सकीं। खराब मौसम के चलते सोमवार को देर शाम तक विमान सेवा पर प्रभावित रही। तेज आंधी और हल्की बारिश से दिल्ली की फ्लाइट रद हुई, जबकि लखनऊ, रायपुर की फ्लाइटें देरी से उड़ान भर सकी। सुबह 11.35 बजे दिल्ली से प्रयागराज आने वाली एलायंस एयर की फ्लाइट रद रही। जबकि रायपुर जाने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट शाम पांच बजे की जगह पौने सात बजे उड़ान भर सकी। इसके अलावा 4.25 पर लखनऊ जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट रात पौने आठ बजे उड़ान भर सकी। तेज हवा के कारण दृश्यता काफी प्रभावित रही, जबकि रनवे पर फिसलन बनी होने के कारण फ्लाइटों को देरी से रवाना किया गया।

उमस बढ़ेगी, अपने शरीर का रखें ख्याल

तपती जमीन पर पानी की बूंदें पड़ी हैं तो जाहिर है उमस बढ़ेगी। इससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका ज्यादा रहेगी। एसआरएन अस्पताल के फिजीशियन डा. अजीत चौरसिया का कहना है कि पेट संबंधी रोग बढ़ सकते हैं, डायरिया फैल सकता है। मलेरिया, डेंगू की आशंका भी है। त्वचा रोग खासतौर से बढ़ सकते हैैं। इनसे सुरक्षित रहने के लिए घर में ही उपाय करें। साफ पानी पिएं, बासी खाना बिल्कुल न खाएं। डायरिया की बीमारी हो रही है तो शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए ओआरएस घोल या एक चम्मच चीनी व एक चुटकी नमक मिलाकर पानी पीते रहें। बच्चों का विशेष ध्यान रखें। मच्छर पनपने वाले स्थान की सफाई रखें। पानी साफ या उबाल कर पिलाएं।

Edited By: Ankur Tripathi