प्रयागराज, जागरण संवाददाता। डीजल और पेट्रोल के रेट में अगर कमी हो जाए तो सब्जियों की कीमतें और घट जाएं। ज्यादातर सब्जियां मंडी में बाहर से आती हैं, ऐसे में मालभाड़ा में वृद्धि होने से सब्जियों के दाम अपेक्षाकृत तेज पड़ता है। स्थानीय सब्जियों की कीमतें उतनी महंगी नहीं होती हैं, क्योंकि किसान अपने साधनों से खुद लेकर पहुंच जाते हैं। यह प्रयागराज के थोक सब्‍जी व्‍यापारियों का कहना है। हालांकि, शुक्रवार को भी सब्जियों के रेट गुरुवार के जितना रहा।

दो दिन पूर्व टमाटर व प्‍याज का बढ़ा था रेट

दो दिनों पहले टमाटर का थोक रेट चढ़कर 50 रुपये किलो और प्याज 40 रुपये किलो हो गई थी। गुरुवार को टमाटर, प्याज समेत हरी सब्जियों की कीमतों में भी कमी हुई थी। मुंडेरा सब्जी मंडी में टमाटर का रेट 35 से 40 रुपये किलो और प्याज का दाम 30 से 32 रुपये किलो हो गया था। पिछले सप्ताह में मुंडेरा मंडी में टमाटर का थोक रेट 50 रुपये, आलू का रेट 15 रुपये किलो, नेनुआ और करैला का दाम 20 रुपये किलो, भिंडी का रेट 15-16 रुपये किलो, खीरा 15 रुपये और गाजर 60 रुपये किलो था।

सब्जियों का फुटकर रेट

फुटकर में टमाटर 60 रुपये, भिंडी 20 रुपये, नेनुआ 20 रुपये, बैगन 30 से 40 रुपये, अरुवी 20 रुपये, लौकी 10 से 20, आलू 20 से 25 रुपये किलो बिक रही है।

सब्‍जी व्‍यापारी नेता ने यह कहा

प्रयागराज में थोक मार्केट मुंडेरा सब्जी एवं फल व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश कुशवाहा का कहना है कि टमाटर बेंगलुरु, नासिक, छत्तीसगढ़, अंबिकापुर से मंडी में आ रही है। हरी सब्जियों को छोड़कर गोभी, प्याज समेत अन्य सब्जियां भी बाहर से आती हैं। डीजल-पेट्रोल के दाम में वृद्धि होने से मालभाड़ा बढ़ जाने से रेट महंगा पड़ता है। अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतें और घट जाएं तो सब्जियों के दाम में और गिरावट हो सकती है।

Edited By: Brijesh Srivastava