प्रयागराज, जेएनएन। गंगा पर स्थित शास्त्री पुल के पिलर में फिर खऱाबी आ गई। बियरिंग खिसकने की वजह से  आए पांच इंच के गैप को देखते ही लोक निर्माण विभाग की ओर पुल के उस लेन पर यातायात रोक दिया। एक ही लेन से आवाजाही शुरू होने पर प्रयागराज-वाराणसी हाइवे पर दूर तक जाम लग गया। वाहनों की कतारें लग गई। यातायात संचालन के लिए पुलिस को लगाया गया लेकिन आवागमन बाधित ही रहा। बाद में उस लेन पर छोटी कार और दोपहिया वाहनों को चलने की अनुमति दी गई। मंगलवार को भी यातायात बाधित रहेगा।

हुआ ये कि सोमवार की सुबह कुछ लोगों ने शास्त्री पुल के प्रयागराज- वाराणसी लेन पर पिलर नंबर 14 पर दरार देखा। इसकी सूचना उन्होंने कंट्रोल रूम के जरिए पीडब्ल्यूडी विभाग को दी। पीडब्ल्यूडी विभाग के कुछ इंजीनियर शास्त्री पुल पर पहुंचे। तकरीबन 5 इंच की गैपिंग देख उस लेन पर ट्रैफिक आनन फानन बंद करा दिया गया। जांच करने पर टीम को पता चला कि पिलर नंबर 14 की बैरिंग अपनी जगह से खिसक गई थी। उसकी मरम्मत के लिए कर्मचारी जुट गए। इस दौरान आवागमन के लिए एक ही लेन (वाराणसी से प्रयागराज मार्ग) को इस्तेमाल में लाया गया। एक लेन बंद होने पर इकलौते लेन से आवागमन होने पर वाहनों का ऐसा दबाव बढ़ा कि पुल पर दोनों तरफ दूर-दूर तक जाम लग गया। इससे कई किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई।

भारी वाहनों के दबाव से खिसकती है बियरिंग

विकास इंटरप्राइजेज एजेंसी के मेठ सुरेश द्विवेदी का कहना है कि प्रयागराज वाराणसी लेन पर अमूमन खराबी इसलिए आती है इस पर अधिक भार वाले वाहन वाहनों का आवागमन होता है जिसके चलते आए दिन कोई ना कोई पिलर की बियरिंग खिसक जाती है। यदि फाउंडेशन नही टूटा होगा तो शाम तक यातायात चालू होगा, अन्यथा दो से तीन दिन बाद ही इस लेन पर आवागमन सुचारू हो सकेगा। ऐसे में इकलौते लेन पर ही यातायात का भार रहने से लोगों को जाम से जूझना पड़ेगा। बता दें इससे पूर्व 26 अगस्त 2020 को भी पिलर नंबर 27 की बियरिंग खिसक गई थी।

Edited By: Ankur Tripathi